भाजपा की लहर में भी बेटी को जिताने में रहे सफल
इसके बाद उन्होंने यह सीट अपनी बेटी आराधना मिश्रा के लिए छोड़ दी। 2014 में हुए उपचुनाव में रामपुर खास विधानसभा में भाजपा की लहर भी काम नहीं आई। इससे पहले भाजपा नेताओं ने उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी आराधना मिश्रा को घेरने के लिए पूरी ताकत लगा दी थी। यह उपचुनाव ऐसा था, जब 34 साल बाद प्रमोद तिवारी ने अपने को अलग किया था।
भाजपा नेताओं को लगा कि आराधना मिश्रा अभी राजनीति में नई हैं, इसलिए उनसे इस सीट को छीना जा सकता है, मगर प्रमोद तिवारी ने भाजपा की किलेबंदी को ध्वस्त कर बेटी आराधना मिश्रा मोना को रामपुर खास का विधायक बनवाया। 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी आराधना मिश्रा ने अपने प्रतिद्वंदी भाजपा प्रत्याशी नागेश प्रताप सिंह को 17,066 वोटों से हराया था। अब 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा फिर प्रमोद को घेरने की रणनीति बना रही है। हालांकि वह कितना कामयाब होगी, यह तो चुनाव के बाद ही पता चलेगा।