जिले के प्राथमिक विद्यालयों की इस तरह की दशा में अभिभावकों में भी काफी आक्रोश है। अधिकारियों की ओर से मामले को गंभीरता से न लेने के कारण कभी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
प्रतापगढ़ में मानधाता विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय नौवापुर के कक्ष का लिंटर पढ़ाई के दौरान ही गिर पड़ा। हादसे में बच्चे और शिक्षक बाल-बाल बच गए। विद्यालय में अफरा तफरी मची रही। बच्चों ने किसी तरह भागकर जान बचाई। घटना की जानकारी महकमे के आला अधिकारियों को दी गई।
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विकास खंड मानधाता के प्राथमिक विद्यालय नौवापुर में शनिवार दोपहर एक बजे कक्षा दो के बच्चे जिस कमरे में पढ़ रहे थे, उसमें जर्जर क्षत से प्लास्टर व लिंटर से अलग हो कर एक टुकड़ा गिरा। उस कमरे में पढ़ा रही शिक्षामित्र सुनीता यादव के मेज पर गिरा जो बिखर कर चारों ओर फैल गया। संयोग ही था कि वह पत्थर का टुकड़ा शिक्षिका वह बच्चों के ऊपर नहीं गिरा, नहीं तो बच्चे चोटहिल हो जाते।
जर्जर भवन के क्षत के टुकड़े गिरते ही अफरा तफरी मच गई। बच्चों को तुरंत कमरे से बाहर निकाला गया। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका नीलम ओझा अवकाश पर थीं। शिक्षक राम प्रताप सरोज ने सूचना प्रधानाध्यापिका को दी तो उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारी को जानकारी दी। खंड शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार पांडेय ने बताया कि विकास खंड मानधाता में 44 विद्यालयों के भवन जर्जर हो चुके हैं। जिसमें तीन की मरम्मत कराई गई है। 41 विद्यालयों के टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। जर्जर भवन वाले विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को सूचना दी गई है कि जर्जर कमरे वाले में बच्चों को बैठाया न जाए।