शिक्षक नेताओं ने चुनाव से ड्यूटी कटवाने के लिए बड़े-बड़े हथकंडे अपनाएं, मगर इस बार सब फेल हो गए हैं। बीएलओ की जगह अपना नाम लिखकर भिजवाने से बीएलओ की डबल ड्यटी लग गई। यह शिकायत जब अफसरों के पास पहुंची, तो एनआईसी की जांच में शिक्षक नेताओं के खेल का खुलासा हुआ है।
जिले के बेसिक शिक्षा विभाग में तैनात शिक्षक नेताओं ने चुनाव में अपनी ड्यूटी कटवाने के लिए अपने नाम के सामने बीएलओ लिखकर भेज दिया है। जबकि बीएलओ के नाम के आगे कुछ भी नहीं लिखा, इससे चुनाव में उनकी ड्यूटी लग गई। जिला प्रशासन ने बीएलओ और मास्टर ट्रेनरों की ड्यूटी नहीं लगाने का फैसला किया है। बीएलओ को ड्यूटी पत्र मिलते ही वह अफसरों के पास पहुंच गए।
अफसरों ने पहले एनआईसी की गड़बड़ी मानते हुए ठीक करने का आश्वासन दिया, मगर इस तरह के अधिकांश मामले आए तो सीडीओ ने सत्यापन कराने का फैसला लिया। गुरुवार और शुक्रवार को टेलीफोन से हुए सत्यापन में अधिकांश शिक्षक नेताओं के खेल का खुलासा हुआ है। अब ऐेसे शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जा रही है।
नाम छूटा, तो बीईओ के खिलाफ होगा मुकदमा
बीएसए ने पत्र जारी कर सभी बीईओ को चेताया है कि अगर सीडी में किसी का नाम छूट गया है, तो वह अविलंब अतिरिक्त सूची में डाल दें। इसके बाद हुई जांच में अगर कोई टीचर छूटा हुआ मिलता है, उस ब्लाक के बीईओ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
कुछ शिक्षकों ने चुनाव ड्यूटी से बचने के लिए बीएलओ के स्थान पर अपना नाम लिख दिया था, तो कुछ लोगों ने सीडी से अपना नाम गायब करा दिया था। वेतन बिल से मिलान करके ऐसे शिक्षकों की सूची तैयार की जा रही है।
अशोक कुमार सिंह, बीएसए।