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प्रतापगढ़ अग्निकांड : झुलसे युवक की उपचार के दौरान मौत, मृतकों की संख्या तीन हुई

Mon, 04 Apr 2022 07:56 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़

सार

कोहड़ौर थाने से चंद कदम की दूरी पर आतिशबाज अशफाक की पटाखों की दुकान थी। पटाखा कारोबारी के घर लाखीपुर निवासी टाइल्स मजदूर संदीप पटवा काम कर रहा था। अपने साले से मिलने के लिए ससुराल आए राजेश कुमार पटवा निवासी काला कुश्ती जनपद फतेहपुर आतिशबाज के घर आ गया।
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प्रतापगढ़ में कोहंडौर थाने के सामने मकान में लगी आग को बुझाते दमकलकर्मी। - फोटो : प्रतापगढ़
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विस्तार
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स्थानीय बाजार के रहने वाले आतिशबाज अशफाक के घर में लगी आग के बाद सिलिंडर और पटाखा विस्फोट से झुलसे राजेश पटवा (35) ने सोमवार की सुबह उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। जबकि घटना के दिन ही आतिशबाज के बेटे शकील व टाइल्स मजदूर संदीप पटवा की मौत हो चुकी है। अभी भी दो लोग प्रयागराज एसआरएन में जीवन और मौत से संघर्ष कर रहे हैं। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर फतेहपुर के लिए रवाना हो गए।

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कोहड़ौर थाने से चंद कदम की दूरी पर आतिशबाज अशफाक की पटाखों की दुकान थी। पटाखा कारोबारी के घर लाखीपुर निवासी टाइल्स मजदूर संदीप पटवा काम कर रहा था। अपने साले से मिलने के लिए ससुराल आए राजेश कुमार पटवा निवासी काला कुश्ती जनपद फतेहपुर आतिशबाज के घर आ गया। संदीप टाइल्स काटकर लगाने का काम कर रहा था।

रविवार को भी मिली थीं दो जली लाशें

अचानक रात आठ बजे टाइल्स की चिंगारी गैस सिलिंडर पर जा गिरी, जिससे आग लग गई। आग ने ही देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। मकान के दूसरे कमरे में रखे पटाखों तक आग पहुंच गई।  धमाकों से मकान की छत उखड़ने के साथ ही दीवार भी भरभराकर गिर गई। आग बुझने के बाद फायरब्रिगेड की टीम को आतिशबाज अशफाक के बेटे शकील व मजदूर संदीप की जली हुई लाश मिली। जबकि आग की चपेट में आने से राजेश पटवा, आतिशबाज का बेटा सगीर उर्फ राजू (42)और सगीर की बेटी गुड़िया उर्फ साजिया (18) गंभीर रूप से झुलस गए थे।



सभी को उपचार के लिए प्रयागराज में भर्ती कराया गया। जहां उपचार के दौरान राजेश की मौत हो गई। यह खबर लाखीपुर पहुंचते ही कोहराम मच गया। पहले बेटा खोने वाले किशोरीलाल ने अब अपना दामाद खो दिया था। रोते बिलखते परिजन प्रयागराज के लिए रवाना हो गए। पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर परिजन फतेहपुर के लिए रवाना हो गए। अब तक अग्निकांड में तीन लोगों की मौत हो चुकी है। अभी भी सगीर व साजिया जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं।

बीमार ससुर को देखने आया था राजेश 
कोहड़ौर थाना क्षेत्र के लाखीपुर निवासी किशोरीलाल की तबियत खराब चल रही थी। जिसे देखने के लिए उसका दामाद राजेश फतेहपुर से लाखीपुर आया था। ससुराल में सब लोगों से मिलने के बाद वह साले संदीप से मिलने असफाक के घर पहुंच गया। बातचीत के दौरान संदीप ने उसे रोक लिया।
 
 
दोनों काम खत्म होने पर साथ ही वहां से निकलते। इसीलिए संदीप के पास राजेश रुका रहा। हादसे के बाद राजेश को पहचानना मुश्किल हो गया था। बारूद के गुबार से उसका चेहरा काला हो गया था। राजेश का बड़ा भाई कमलेश मजदूरी कर परिवारका गुजर बसर करता है। जानकारी मिलने पर राजेश की मां कंचन का रो-रोकर बुरा हाल रहा।

छिन गया मासूम के सिर से पिता का साया
फतेहपुर का रहने वाले राजेश की अपने छोटे साले संदीप से खासी पटती थी। दोनों अक्सर एक साथ काफी समय व्यतीत किया करते थे। राजेश की पत्नी सविता भी पति के साथ आई थी। उसका पांच साल का बेटा शिवा है। जिसके ऊपर से राजेश की मौत के बाद पिता का साया छिन गया।



आतिशबाजों की दुकानें बंद, पसरा है सन्नाटा
नगर पंचायत में असफाक के अलावा एहसान उर्फ रज्जन, मोहम्मद शफीक, फिरोज का मकान है। घटना के दौरान ही सभी के मकान में भंडार करके रखा गया पटाखा पीछे वाले रास्ते से निकाल दिया गया। घटना के बाद चारों दुकानों में जहां ताला बंद है।वहीं उनके मकानों के आसपास सन्नाटा पसरा हुआ है। घरों पर केवल महिलाएं ही हैं। अधिकांश पुरुष घर से नदारद हैं।पूछने पर सभी खुद को प्रयागराज में झुलसे लोगों की तीमारदारी में होनेकी जानकारी दी जा रही है।
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मुकदमा दर्ज करने के बाद थम गए कोहड़ौर पुलिस के कदम
आतिशबाज असफाक के मकान में टाइल्स लगाते समय अचानक आग लग गई। कमरे के अंदर रखे सिलेंडर में आग लग गई। तेज धमाके के साथ मकान की छत व दीवारें भरभराकर गिर गई। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग बुझाने में फायरब्रिगेड कर्मचारी कामयाब हो सके।



गंभीर रूप से झुलसे मिले राजेश समेत अन्य पांच लोगों को मेडिकल कालेज भेजा गया। टाइल्स मजदूर संदीप के पिता की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। मगर मुकदमा दर्ज करने के बाद कोहड़ौर पुलिस के कदम नहीं बढ़ रहे। इसे लेकर लोगों में असंतोष देखने को मिल रहा है। यदि कोहड़ौर पुलिस पहले अलर्ट रहती तो शायद घटना न ही होती।
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