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प्रतापगढ़ : 10 हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथ धराए खंड शिक्षा अधिकारी, जमकर हुई झड़प

Fri, 03 Sep 2021 09:02 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़

सार

सदर विकास खंड के जूनियर हाईस्कूल बड़ा पुरवा में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात प्रभाकर प्रताप सिंह अपना चयन वेतनमान स्वीकृत कराने एवं लंबित बोनस के लिए काफी दिनों से परेशान थे। प्रभाकर के अनुसार चयन वेतनमान और बोनस दिलाने के लिए खंड शिक्षा अधिकारी रामशंकरा द्वारा 10 हजार रुपये की मांग की जा रही थी।
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शिक्षक से चयन वेतनमान स्वीकृत कराने व बोनस के बदले 10 हजार रुपये घूस मांगने वाले खंड शिक्षा अधिकारी सदर रामशंकर को प्रयागराज से आई विजलेंस टीम ने शुक्रवार की शाम उनके आवास से रंगे हाथ दबोच लिया। उनसे कोतवाली में पूछताछ के बाद टीम अपने साथ प्रयागराज ले गई। इस दौरान खंड शिक्षा अधिकारी व टीम के सदस्यों से तीखी झड़प भी हुई। कोतवाली में शिक्षकों व कर्मचारियों को जमावड़ा रहा।

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सदर विकास खंड के जूनियर हाईस्कूल बड़ा पुरवा में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात प्रभाकर प्रताप सिंह अपना चयन वेतनमान स्वीकृत कराने एवं लंबित बोनस के लिए काफी दिनों से परेशान थे। प्रभाकर के अनुसार चयन वेतनमान और बोनस दिलाने के लिए खंड शिक्षा अधिकारी रामशंकरा द्वारा 10 हजार रुपये की मांग की जा रही थी।

पीड़ित शिक्षक बराबर खंड शिक्षा अधिकारी से आग्रह करता रहा मगर वह बिना रुपये के काम करने के लिए तैयार नहीं थे। शिक्षक ने रिश्वत मांगने की बातचीत भी अपने मोबाइल में रिकार्ड कर लिया था। शिक्षक संगठन के पदाधिकारियों को भी मामले से अवगत कराया। मगर मामले का हल नहीं निकला। जिसके बाद शिक्षक  प्रभाकर प्रताप सिंह ने प्रकरण को सतर्कता अधिष्ठान के पुलिस अधीक्षक के समक्ष साक्ष्य सहित रखा। विजिलेंस टीम ने मामले की गोपनीय जांच कराई। इसके बाद विजिलेंस टीम प्रयागराज इंस्पेक्टर रमाशंकर पांडेय के नेतृत्व में शुक्रवार को सुबह शहर आ गई। टीम ने दस हजार के नोट पर पाउडर लगाकर शिक्षक को दिया।

शिक्षक ने बीईओ से फोन पर पैसे देने के लिये बात की। बीईओ ने शिक्षक को दस हजार रुपये लेकर शुकुलपुर स्थित किराये के आवास पर बुलाया। शिक्षक ने वहां पहुंच कर बीईओ को दस हजार रुपए थमा दिया। जैसे ही शिक्षक प्रभाकर प्रताप सिंह ने बीईओ राम शंकर को रिश्वत थमाई। उसी समय टीम के लोगों ने खंड शिक्षा अधिकारी को दबोच लिया। उनके पास से ही रुपया भी बरामद कर लिया। हिरासत में लेने के दौरान टीम के सदस्यों व खंड शिक्षा अधिकारी के बीच झड़प भी हुई।

हाथ धुलाने पर नोटों पर डाले गए पाउडर का रंग छूटने लगा। विजिलेंस टीम बीईओ को हिरासत में लेकर कोतवाली पहुंची। बीईओ के घूस लेते रंगे हाथ पकड़े जाने की सूचना पर प्राथिमक शिक्षक संघ के अध्यक्ष रमा शंकर शुक्ल,मंत्री विनय कुमार सिंह सहित तमाम शिक्षक व कर्मचारी कोतवाली पहुंचे। जहां पूछताछ के बाद टीम अपने साथ प्रयागराज ले गई। खंड शिक्षा अधिकारी रामशंकर खुद को साजिश के तहत फंसाने की बात करते रहे। सीओ सिटी अभय पांडेय ने बताया कि विजलेंस टीम उन्हें अपने साथ ले गई। उनके खिलाफ अब प्रयागराज में विजलेंस थाने में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करेगी।

सुबह नौ बजे से बेल्हा आ गई थी विजलेंस के टीम 

चयन वेतनमान और बोनस भुगतान के लिए दस हजार रुपये घूस लेते रंगेहाथ दबोचे गए खंड शिक्षा अधिकारी को दबोचने के लिए शुक्रवार की सुबह नौ बजे विजलेंस टीम बेल्हा आ गई थी। विभागीय अधिकारियों को भले ही इसकी भनक नहीं मिली, मगर बीईओ कहां और किस स्थान पर है, पल-पल की खबर लेते रहे। विजलेंस टीम के अफसरों ने बीईओ को गिरफ्तार करने के पहले प्रशासनिक अफसरों को भी जानकारी दी थी। सदर विकास खंड के संविलियन स्कूल बड़ा का पुरवा में तैनात शिक्षक प्रभाकर प्रताप सिंह से चयन वेतनमान और बोनस भुगतान करने के लिए दस हजार रुपये घूस मांगने वाले खंड शिक्षा अधिकारी रामशंकर को गिरफ्तार करने के लिए विजलेंस टीम ने बृहस्पतिवार को पूरी तैयारी कर ली थी।

विजलेंस के एसपी ने बृहस्पतिवार को शिक्षक प्रभाकर प्रताप सिंह को प्रयागराज बुलाया था। जहां घूस के दस हजार रुपये जमा कराने के साथ ही लिखित शिकायत भी ली थी। शुक्रवार की सुबह जब विजलेंस की टीम शहर पहुंची तो शिक्षक को बुलाकर वह दस हजार रुपये देकर बीईओ को देने को कहा, जो बृहस्पतिवार को शिक्षक ने आफिस में जमा किया था। शुक्रवार को लगभग साढ़े तीन बजे शुकुलपुर स्थित शिक्षक कालोनी स्थित अपने किराए के मकान में पहुंचे।

तो शिक्षक रुपये लेकर पहुंच गया। शिक्षक ने जैसे ही बीईओ के हाथ में रुपये थमाए, वैसे ही पीछे खड़े विजलेंस के अफसरों ने उन्हें दबोच लिया। बनियान और लोवर पहनकर बैठे रामशंकर पहले तो विजलेंस अफसरों से भिड़ गए। मगर संख्या अधिक होने पर उन्हें जबरन अपनी गाड़ी में बिठाकर  कोतवाली लेकर पहुंचे। मामले की जानकारी होते ही बड़ी संख्या में शिक्षक कोतवाली पहुंच गए। जहां देरशाम तक लिखा-पढ़ी होती रही। प्रभारी बीएसए सुधीर सिंह ने इसे दुर्भाग्य पूर्ण बताया है।  

विजलेंस की टीम में शामिल थे दस सदस्य 
प्रयागराज से आए विजलेंस टीम में दस सदस्य शामिल थे। दो वाहनों पर सवार टीम के सदस्य गिरफ्तारी के पहले बीएसए कार्यालय गए और बाहर खड़े लोगों से जानकारी हा
सिल की। हालांकि उस समय बीईओ रामशंकर स्कूलों का निरीक्षण करने गए हुए थे। अगर वह बीएसए आफिस में मिल गए होते, तो सुबह ही उनकी गिरफ्तारी हो जाती । 

धक्का-मुक्की करके भागना चाहता थे बीईओ 
विजलेंस अफसरों के आईकार्ड दिखाने के बाद भी मानने को तैयार नहीं था । घूस लेते रंगेहाथ दबोचे गए बीईओ रामशंकर को विजलेंस अफसरों ने अपना आईकार्ड दिखाते हुए बताया कि अब आप हिरासत में हैं। इसके बाद भी वह मानने को तैयार नहीं थे और वह धक्का-मुक्की करके भागना चाहते थे। मगर इसी बीच पूरी टीम के पहुंचने पर उन्हें दबोच कर गाड़ी में बैठा लिया।  2020 में मंगरौरा ब्लाक में तैनात बीईओ भी घूस लेते गिरफ्तार हो चुके हैं।
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विजलेंस टीम ने दबोचकर किया था चालान 
जिले में वर्ष 2020 में मंगरौरा ब्लाक में तैनात रहे सुशील कनौजिया को घूस लेेते हुए विजलेंस टीम  ने रंगोहाथ दबोचा था। वह शिक्षक से बकाया वेतन भुगतान के लिए दस हजार रुपये की मांग कर रहे थे। शिक्षक की शिकायत पर पहुंची विजलेंस टीम ने रंगेहाथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।कार्यालय के कर्मचारी को भी रिश्वत लेने के आरोप में जेल भेजा चुका है। बेसिक शिक्षा विभाग में घूस लेने की कोई नई परंपरा नहीं है।

ब्लाकों में तैैनात बीईओ को शिक्षकों का शोषण करने के लिए कदम-कदम पर रुपये की मांग करते हैं। कभी  अधिकारी के नाम पर रुपये लिए जाते हैं, तो कभी स्कूल छोड़कर गायब रहने वाले शिक्षकों से हर माह रुपये की वसूली की जाती है। सदर विकास खंड में तैनात रामशंकर के अलावा मंगरौरा ब्लाक में बीईओ के पद पर तैनात रहे सुशील कनौजिया भी घूसखोरी में जेल जा चुके हैं। इसके अलावा बीएसए कार्यालय में तैनात कर्मचारी रोहिणी भी बिजलेंस टीम के हत्थे चढ़े थे। उन्हें भी कार्यालय से टीम ने रंगे हाथ दबोचकर जेल भेजा था। विजलेंस अफसरों के रंगेहाथ पकड़ने के बाद भी बीईओ अपना बचाव करने में जुटे हुए थे। 
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