फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शराब की दुकानों पर पॉज मशीन लगाने की तैयारी, मिलावटी और नकली शराब रोकने के लिए सरकार ने उठाया कदम

Fri, 03 Sep 2021 07:17 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़

सार

प्रिंट रेट से अधिक पैसा लेने के साथ मिलावटी और नकली शराब पर रोक लगाने के लिए शासन ने शराब की दुकानों पर पॉज मशीन लगाने का निर्णय लिया है। इससे सेल्समैनों की मनमानी पर अंकुश लगाया जा सकेगा। साथ ही शराब की बिक्री की टाइमिंग की मॉनिटरिंग भी हो सकेगी। अक्सर सेल्समैन निर्धारित समय के बाद भी दुकान के पीछे से ग्राहकों को अधिक मूल्य लेकर शराब मुहैया करा देते हैं। नई व्यवस्था से यह संभव नहीं हो पाएगा। 
विज्ञापन
demo pic - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

शराब की दुकानों पर मिलावटी शराब और प्रिंट रेट से अधिक दाम पर दुकानदार बिक्री नहीं कर सकेंगे। अब बीयर, देशी और अंग्रेजी शराब की दुकानों में पीओएस मशीन लगाई जाएगी। इन दुकानों की मॉनीटरिंग लखनऊ में बैठे उच्चाधिकारियों की ओर से की जाएगी। किसी तरह की गड़बड़ी और अनियमितता मिलने पर तत्काल कार्रवाई होगी। मशीन लगाने के लिए आबकारी विभाग की ओर से कवायद तेज कर दी गई है।

 

विज्ञापन

जिले के कोहड़ौर, संग्रामगढ़, नवाबगंज, सांगीपुर, उदयपुर, कोहड़ौर, मानधाता, जेठवारा व अंतू थाना क्षेत्र में जहरीली शराब से जनवरी से लेकर जुलाई माह के भीतर करीब 22 लोगों की जान जा चुकी है। लाइसेंसी शराब की दुकानों पर मिलावटी शराब भी पुलिस बरामद कर चुकी है। ऐसे में शासन की ओर से शराब बिक्री की व्यवस्था में बदलाव की कवायद की जा रही है। पालयट प्रोजेक्ट के तौर पर पहले चरण में बीयर की दुकानों में पीओएस मशीन लगाई जाएगी। इसके बाद दूसरे चरण में अंग्रेजी और तीसरे चरण में देशी शराब की दुकानों पर भी मशीन लगाई जाएगी।

जिले में तीन मॉडल शाप भी हैं। जिला आबकारी अधिकारी संजय सिंह ने बताया कि बहुत जलद ही पीओएस मशीन से अंग्रेजी शराब, बीयर और देशी शराब की बिक्री होने की तैयारी विभागीय स्तर पर चल रही है। इससे मिलावट खोरी और अधिक दाम पर बिक्री करने पर अंकुश लग सकेगा। अक्तूबर माह में पीओएस मशीन से बिक्री का कार्य प्रारंभ होने की संभावना है।
विज्ञापन

अफसर देखेंगे दुकानदारों का डाटा
मशीन लगाने के बाद दुकानदार को मशीन से शराब की बोतल पर लगे रेपर को स्कैन कर बेचना अनिवार्य होगा। यह व्यवस्था बीयर की दुकानों पर अक्तूबर के अंतिम सप्ताह तक प्रभावी हो जाएगी। ऐसे में पीओएस मशीन से बोतल पर लगे रेपर के स्कैन होते ही उसकी बिक्री का पूरा ब्योरा दुकान का नाम, सीरियल नंबर आदि विभाग के डाटा बैंक में ट्रांसफर हो जाएगा। यही नहीं इसके जरिए विभाग जिले के किसी भी कोने में स्थित दुकानों पर लखनऊ में बैठे अफसर दुकानदारों पर नजर रख सकेंगे।

सरकारी दुकानों पर बिक रही थी मिलावटी शराब
जिले में सरकारी दुकानों पर मिलावटी शराब की बिक्री हो रही थी। हाल ही में रानीगंज में प्रयागराज आबकारी आयुक्त की टीम ने एक शराब की दुकान से मिलावटी शराब बरामद किया था। सेल्समैन समेत मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। इसके पहले डेरवा, कुंडा, जेठवारा समेत कई इलाके में मिलावटी शराब सरकारी दुकानों पर बेचते हुए पुलिस व विभागीय अधिकारियों ने बरामद किया था। 

हथिगवां में पकड़ी जा चुकी है मिलावटी शराब की फैक्ट्री
जिले में अवैध शराब का कारोबार कई सालों से फल फूल रहा है। जब भी कोई अधिकारी अवैध शराब के खिलाफ अभियान चलाता है तो उसका तबादला हो जाता है। कुछ माह पूर्व हथिगवां थाना क्षेत्र के झाझा का पुरवा से एडीजी प्रयागराज की सर्विलांस टीम ने मिलावटी शराब की फैक्ट्री बरामद की थी। पुलिस ने गुड्डू सिंह समेत 14 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें