प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष रहे शोभनाथ मिश्र की हत्या करने वाला राजेश सिंह कभी उनका सबसे भरोसेमंद था। वह उस पर भरोसा करते हुए काम भी सौंपते रहे। मगर उसने अध्यक्ष शोभनाथ मिश्र के भरोसे के साथ ही उनका भी कत्ल कर दिया। शिक्षक नेता के हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए शिक्षक सड़कों पर उतरे थे। जिलाधिकारी आवास पर अर्धनग्न प्रदर्शन तक करना पड़ा था। प्रदर्शन के दौरान सड़कों पर उतरे जनसैलाब के चलते पूरा शहर थम सा गया था।
26 वर्षो तक संडवा चंद्रिका विकास खंड के ब्लॉक अध्यक्ष और 14 वर्षों तक प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी निभाने वाले शिक्षक नेता शोभनाथ मिश्र प्रभावशाली लोगों में शुमार थे। शिक्षकों में मजबूत पकड़ की बदौलत वह राजनीतिक लोगों के बीच भी अपनी पैठ जमा रखी थी। व्यवहार कुशल होने के कारण उनकी सभी दलों के नेताओं से पटती थी। शिक्षक नेता के घर सेतापुर निवासी राजेश सिंह नौकरी पाने के पहले से ही आता जाता था।
उनकी बेटी से ही करने लगा प्यार
इस बीच उसे सहायक अध्यापक की नौकरी मिल गई। चूंकि वह शिक्षक नेता शोभनाथ मिश्र के साथ रहता था। इसलिए स्कूल जाने के बजाय नेतागीरी करने लगा। परिवार के लोगों के साथ भी उसका उठना बैठना था। अध्यक्ष व उनके परिवार के लोग राजेश पर आंख मूंद कर भरोसा करते थे। मगर वह दगाबाज निकला। सिरफिरे आशिक की तरह वह उनकी बेटी से इकतरफा प्यार करने लगा। जिसकी भनक लगने पर शिक्षक नेता ने उसे अपने से दूर कर दिया था।
चूंकि अध्यक्ष की ऊंची पकड़ के चलते उसके सारे दांव फेल हो जा रहे थे। इसलिए राजेश ने शिक्षक नेता को रास्ते से हटाने की रणनीति बना डाली। शिक्षक नेता की हत्या के बाद नामजद राजेश सिंह की गिरफ्तारी के लिए शिक्षकों का सैलाब सड़कों पर उतर पड़ा था। जिलाधिकारी आवास पहुंचकर अर्धनग्न प्रदर्शन भी किया। सड़कों पर उतरे सैलाब के चलते पूरा शहर थम सा गया था। बड़ी मशक्कत के बाद शिक्षकों को प्रदर्शन से रोकने में प्रशासनिक अधिकारी कामयाब हुए थे।
फैसले पर परिजन व शिक्षकों ने सराहा
शिक्षक नेता शोभनाथ मिश्र की हत्या करने वाले आरोपियों को फांसी की सजा सुनाए जाने को परिवार व शिक्षकों ने सराहा। शिक्षक नेता की पत्नी विद्या देवी व बेटे नीरज मिश्रा ने कहा कि भले ही वक्त लगा लेकिन दोषियों को सख्त सजा मिली है। उन लोगों को कोर्ट पर पूरा भरोसा था।
शिक्षकों ने रात में हाईवे कर दिया था जाम
शिक्षक नेता की हत्या के बाद जिले के शिक्षकों में उबाल आ गया था। घटना के बाद अस्पताल पहुंचे शिक्षक शव लेकर घर के करीब प्रयागराज-अयोध्या राजमार्ग पर पहुंच गए। शिक्षकों ने शव को राजमार्ग पर रखकर जाम लगा दिया। जिसे काफी मशक्कत के बाद पुलिस हटाने में कामयाब रही। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए करीब एक माह तक शिक्षक आंदोलित थे।
न्यायालय परिसर में अलर्ट रही पुलिस
शिक्षक नेता की हत्या करने वालों को फांसी व आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के पहले से ही न्यायालय परिसर में पुलिस अलर्ट रही। प्रवेश करने वालों को तलाशी के बाद ही भीतर जाने दिया जा रहा था। सजा सुनाए जाने के बाद आरोपी मायूस होकर प्रिजन वैन में बैठ गए। उनके परिजन उनसे मिलने के लिए परेशान दिखे। वैन के करीब पहुंचने वालों को दूर कर दिया जा रहा था। फैसला सुनाए जाने के पहले ही सभी आरोपियों को पुलिस ने अभिरक्षा में ले लिया था।