जिले के जरूरतमंदों को वर्ष 2024 तक आवास मुहैया कराने की मुहिम में कोरोना महामारी ने अवरोध खड़ा कर दिया है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लिए इस वर्ष बजट नहीं आया है। अब बजट आने की उम्मीद भी नहीं है।
प्रधानमंत्री आवास के लिए बजट नहीं आने से उन प्रधानों के सामने दिक्कत खड़ी हो गई है जिन्होंने लाभार्थियों के नाम प्रतीक्षा सूची में डलवाने और प्रधानी के चुनाव से पहले आवास देने का आश्वासन दिया है। जिले में तैयार प्रतीक्षा सूची में अभी 2,32,256 लाभार्थी के नाम शामिल हैं।
हालांकि बजट नहीं आने से अब अधिकारी पुराने और अधूरे आवासों के निर्माण पर जोर दे रहे हैं। सीडीओ ने सभी बीडीओ की मीटिंग करके अपूर्ण आवासों को अविलंब पूर्ण कराने को कहा था। जिले के 17 विकासखंडों में 526 आवास अधूरे हैं। हालांकि ऐसे लाभार्थियों को अभी अंतिम किस्त का भुगतान भी नहीं किया गया है।
आवास की प्रतीक्षा सूची में जो लोग शामिल हैं, उन्हें अभी कुछ दिन इंतजार करना होगा। अभी तक नए आवासों के लिए बजट नहीं मिला है। शासन को मांगपत्र भेजा गया है। अगर बजट मिलता है, तो लाभार्थियों के खाते में धनराशि भेजी जाएगी।
आरसी शर्मा, पीडी