फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नवमी पर मां सिद्धिदात्री का गुणगान, हवन, पूजन व पारण संग पूर्ण किया अनुष्ठान

विज्ञापन
नवरात्र नवमी पर मां बेल्हा देवी का हुआ भव्य श्रृंगार। संवाद - फोटो : PRATAPGARH
विज्ञापन
नवरात्र की नवमी तिथि पर मां आदिशक्ति के नौंवे रूप मां सिद्धि दात्री के दर्शन-पूजन के लिए पौराणिक देवीधामों में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। नारियल, चुनरी, माला, फूल, बताशा, मिठाई, फल आदि अर्पित कर भक्तों ने मातारानी से मन्नतें मांगीं। भोर में घंट-घड़ियाल व शंख ध्वनि के बीच महाआरती के बाद दर्शन-पूजन का क्रम देर रात तक चलता रहा। भक्तों ने कन्याभोज कराने के साथ ही मुहूर्त के अनुसार विधि-विधान से हवन- पूजन व पारण किया। शहर से लेकर गांव तक देवी पंडालों में देवी जागरण के कार्यक्रम से भक्तिमय माहौल बना रहा।
विज्ञापन

नवरात्र की नवमी तिथि पर मां सिद्धि दात्री के पूजन का विधान है। मां के इस स्वरूप में आदिशक्ति की नौ शक्तियां विद्यमान होती हैं। इनके दर्शन-पूजन से जीवन के सारे कष्ट मिट जाते हैं और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। बृहस्पतिवार को मां के इस स्वरूप के दर्शन-पूजन का विधान था। शहर में सई नदी तट पर स्थित मां बेल्हादेवी धाम में भोर में करीब साढ़े चार बजे से ही भक्तों की लंबी कतार लग गई।
कपाट बंद था, अंदर मातारानी का श्रृंगार चल रहा था। मां का श्रृंगार होने के बाद करीब साढे़ चार बजे घंट-घड़ियाल व शंख ध्वनि के बीच महाआरती शुरू हुई तो माता रानी के जयकारे लगने लगे। बैरिकेडिंग में कतारबद्ध सभी भक्त मां की भक्ति में लीन दिखे। महाआरती के बाद दर्शन-पूजन का सिलसिला शुरू हुआ। मां के सिद्धिदात्री स्वरूप के दर्शन को लेकर भक्तों में गजब की आतुरता दिख रही थी। लोगों ने श्रद्धाभाव से मां का दर्शन-पूजन कर मंदिर परिसर में ही बने कुंड में हवन किया। मां वाराही देवी धाम में भी मां सिद्धिदात्री के दर्शन को लेकर भक्तों का रेला लगा रहा।
विज्ञापन

सुबह करीब पांच बजे महाआरती के बाद दर्शन-पूजन शुरू हुआ। दोपहर में दो बजे के बाद पट बंद हो गए। दोपहर करीब तीन बजे के बाद दर्शन-पूजन का सिलसिला शुरू हुआ। भक्तों ने पूरे- विधि-विधान से मां का पूजन-अर्चन किया। मंदिर परिसर में व्रती भक्तों ने कन्याभोज कराने के साथ हवन-पूजन भी किया। देरशाम तक दर्शन पूजन का दौर चलता रहा।
इसी तरह मां संकट हरणी, मां चामुंडा, मां लाडो, मां शीतला, मां गौरा देवीधाम में भी दर्शन-पूजन को लेकर स्थानीय लोगों की भीड़ रही। देर रात तक दर्शन-पूजन से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। हवन-पूजन, कन्याभोज कराने के बाद भक्तों ने शाम करीब पांच से सात बजे तक तक पारण कर नौ दिनों का अनुष्ठान पूर्ण किया।

संडवा चंडिका धाम में नवरात्र नवमी पर देवी स्वरूप कन्याओं को भोज कराते श्रद्धालु। संवाद- फोटो : PRATAPGARH

नवरात्र नवमी पर मां बेल्हा देवी के दर्शन को भक्तों की लगी भीड़। संवाद- फोटो : PRATAPGARH

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें