चार माह से ईंट भट्ठे पर बंधक बने 13 मजदूरों को पुलिस ने शनिवार को मुक्त कराया। पीड़ित मजदूर की शिकायत पर मानवाधिकार आयोग ने मामले का संज्ञान लेकर पुलिस को कार्रवाई का आदेश दिया।
पट्टी कोतवाली क्षेत्र के बेलसंडी में संचालित स्टार मार्का ईंट भट्ठा मालिक रुस्तम अली ने छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से आए 13 मजदूरों को बंधक बनाकर चार माह से काम करा रहा था। ईंट- भट्ठा मालिक की प्रताड़ना से आजिज आकर मजदूरों ने घर जाने का प्रयास किया, लेकिन उन लोगों को मारपीट कर जबरन रोक लिया गया। मजदूरों का आरोप है कि उनको मजदूरी नहीं दी जाती थी। ईंट- भट्ठा मालिक मजदूर महिलाओं और किशोरियों के साथ अश्लील हरकत करता था। विरोध करने पर पिटाई करता था। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर, मस्तूरी के बिनौरी निवासी मजदूर डेरहा ने 28 मार्च को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से शिकायत की। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मामले का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए मजदूरों को मुक्त कराने के लिए जिला प्रशासन को आदेश दिया। पट्टी तहसील के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ पुलिस शनिवार को ईंट- भट्ठे पर पहुंच गई। मजदूरों को ईंट भट्ठा संचालक की गिरफ्तार से मुक्त कराकर घर भेज दिया गया। श्रम प्रवर्तन अधिकारी सचिन कुमार ने बताया कि मजदूरों को बंधक बनाए जाने की जानकारी नहीं है। मामले की जांच कराई जाएगी। पट्टी कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक आलोक कुमार ने बताया कि मजदूर काम नहीं करना चाहते थे। इसलिए मजदूरों ने इस तरह की शिकायत की। जानकारी होने के बाद उन्हें मुक्त करा दिया गया है।
एक माह का बीमार था अवि
मजदूर चंद्रभान का बेटा अवि एक माह का है। मजदूरी न मिलने के कारण माता- पिता पैसे के अभाव में अवि का पालन पोषण नहीं कर पा रहे थे। कुछ दिनों से उसकी तबीयत भी खराब चल रही थी। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से की गई शिकायत में पीड़ित मजदूरों ने अवि की तबीयत बिगड़ने का भी जिक्र किया था। पुलिस की ओर से मुक्त कराए गए लोगों की सूची में अवि का नाम भी शामिल है।