कोरोना की दूसरी लहर थमने के बाद शिक्षा विभाग स्कूलों एवं कॉलेजों के संचालन की तैयारी में जुटा है। कक्षाएं संचालित करने के लिए अफसरों के निर्देश पर प्रधानाचार्य अभिभावकों से बच्चों को विद्यालय भेजने के लिए सहमति पत्र मांग रहे हैं, लेकिन लोग बच्चों को विद्यालय भेजने के लिए तैयार नहीं हैं। जिले में सिर्फ 25 प्रतिशत अभिभावक ने हामी भरी है। पंजीकृत एक लाख 90 हजार बच्चों के सापेक्ष 50 हजार अभिभावकों ने ही सहमति पत्र दिया है। कोरोना की दहशत अब भी अभिभावकों पर तारी है।
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दस्तक देते ही स्कूलों व कॉलेजों में ताला लटक गया। संक्रमण से बच्चों को बचाने के लिए बोर्ड परीक्षा स्थगित कर दी गई। मार्च, अप्रैल, मई में कोरोना संक्रमण का असर तेज था। जून में दूसरी लहर का असर कम हो गया है। एक जुलाई से कक्षा एक से आठ तक तक के विद्यालय खुल गए हैं, लेकिन क्लास नहीं चल रही है।
माध्यमिक विद्यालयों में कक्षाएं संचालित करने की तैयारी है। माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव ने डीआईओएस को अभिभावकों से सहमति पत्र लेकर कक्षा 9 से 12 तक की कक्षाओं को संचालित करने का निर्देश दिया है। डीआईओएस ने जिले के सभी राजकीय, सहायता प्राप्त व वित्तविहीन विद्यालय के प्रधानाचार्यों को अभिभावकों से सहमति पत्र लेने के लिए निर्देशित किया था।
विद्यालयों द्वारा अभिभावकों से सहमति पत्र की मांग की गई थी। लेकिन लोग अभी भी बच्चों को स्कूल भेजने के लिए तैयार नहीं हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक, राजकीय, सहायता प्राप्त, वित्तविहीन विद्यालयों को मिलाकर अब तक कुल 25 प्रतिशत अभिभावक ही बच्चों को स्कूल भेजने को तैयार हुए हैं।
अमर जनता इंटर कालेज कटरागुलाब सिंह में 500 बच्चे पंजीकृत हैं। जिनमें सिर्फ 102 अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए सहमति पत्र दिया है। प्रधानाचार्य विनय प्रताप सिंह ने बताया कि अभिभावकों से संपर्क किया जा रहा है। रानीगंज के मनीष मेमोरियल स्कूल में कक्षा 9 व 10 में कुल 240 बच्चे पंजीकृत हैं। सिर्फ 25 अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने को तैयार हैं।
इसी तरह गौरा ब्लाक के भूसलपुर स्थित रामनिहोर इंटर कालेज में कक्षा नौ व दस में कुल 424 बच्चे पंजीकृत हैं। 15 अभिभावकों ने ही हामी भरी है। यही हाल शिवगढ़ ब्लाक क्षेत्र के सांई बालिका इंटर कालेज लच्छीपुर का है। यहां कक्षा नौ से 12वीं तक कुल 1025 बच्चे पंजीकृत हैं। महज 60 अभिभावकों ने सहमति पत्र दिया है।
प्रबंधक सुशील मिश्र ने बताया कि अभिभावकों से सहमति पत्र मांगे गए हैं। मानधाता स्थित जेआरडी बालिका इंटर कालेज के प्रबंधक राम अभिलाख मौर्य बच्चा ने बताया कि 9वीं से 11वीं तक 350 बच्चे पंजीकृत हैं। 30 प्रतिशत अभिभावकों ने सहमति जताई है। यही हाल एसयू मेमोरियल स्कूल का है। यहां 600 से अधिक बच्चे पंजीकृत हैं, लेकिन सिर्फ 60 अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए सहमति जताई है। प्रधानाचार्य अजय श्रीवास्तव ने बताया कि अभिभावकों से सहमति पत्र मांगे जा रहे हैं। डीआईओएस डॉ. सर्वदानंद ने बताया कि अभिभावकों से सहमति पत्र की मांग की गई थी। अभी भी अभिभावकों से संपर्क जारी है। सहमति पत्र आ रहे हैं।