जिले में संक्रामक रोगों का प्रकोप बढ़ गया है। बड़ी संख्या में बच्चे बुखार से पीड़ित हो रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के चिल्ड्रेन वार्ड में प्रतिदिन औसतन 20 मासूमों को भर्ती कराया जा रहा है। शनिवार दोपहर तक नौ बच्चों को भर्ती कराए गए। स्थिति यह हो गई है कि 55 बेड की क्षमता वाले वार्ड में अब बच्चों को भर्ती करने के लिए जगह नहीं बची है।
चिल्ड्रेन वार्ड की हालत यह है कि वार्ड के तीनों कमरों में कुल 55 मासूमों को भर्ती किया गया है। ऐसे में नए मरीज को नो बेड बताया जा रहा है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि दस बेड का अलग से वार्ड बनाया गया है। अति गंभीर बच्चों को वहां भर्ती किया जा रहा है।