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Pratapgarh : फरीदाबाद में फ्लैट की किरायेदारी से जुड़ा है अधिवक्ता के घर एनआईए का छापा, जांच एजेंसी खंगाल रही

Sat, 13 Jan 2024 12:25 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़

सार

रानीगंज के बाबूपटटी निवासी सेवानिवृत्त पोस्टमास्टर आशाराम मिश्रा के पांच बेटों में से एक राकेश मिश्रा रायबरेली में करीब 10 वर्ष पहले ठेकेदारी करते थे। अब घर पर रहकर किसानी करते हैं।
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NIA की छापेमारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली में अधिवक्ता सार्थक मिश्रा के बाबूपट्टी स्थित घर पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के छापे का फरीदाबाद में फ्लैट की किराएदारी से जुड़ा आतंकी कनेक्शन सामने आ रहा है। एनआईए उसी की छानबीन के लिए बृहस्पतिवार को यहां आई थी। सार्थक के पिता का दावा है कि बेटे ने एक साल के लिए फ्लैट लिया था, लेकिन तीन महीने में ही खाली कर दिया। फिर, कौन रहा.. नहीं मालूम। बेटे ने शुक्रवार को एनआईए के समक्ष सफाई दे दी है।

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रानीगंज के बाबूपटटी निवासी सेवानिवृत्त पोस्टमास्टर आशाराम मिश्रा के पांच बेटों में से एक राकेश मिश्रा रायबरेली में करीब 10 वर्ष पहले ठेकेदारी करते थे। अब घर पर रहकर किसानी करते हैं। उनका बेटा सार्थक मिश्रा एलएलएम करने के एक साल पहले दिल्ली की एक लॉ फॉर्म से जुड़ कर वकालत कर रहा है। पिता राकेश का दावा है कि एनआईए की छापेमारी उसी से जुड़ी है। परिवार के किसी सदस्य के खाते में करोड़ों का कोई लेनदेन नहीं हुआ है।

बकौल राकेश मिश्रा, एनआईए सार्थक के फरीदाबाद में रहने के दौरान की जानकारी मांग रही थी। छह महीने पहले उसने वहां किराये पर फ्लैट लिया था। एक साल का एग्रीमेंट था, लेकिन फ्लैट मालिक को मेल पर सूचना देकर वह तीन महीने में ही वह गुरुग्राम चला गया। इस बीच, वहां दूसरे लोग रहने लगे। यह कौन थे, मुझे नहीं मालूम। शुक्रवार को सार्थक ने एनआईए के दिल्ली स्थित दफ्तर जाकर यही बताया है। नहीं लिए फोन : राकेश मिश्रा ने साफ किया कि एनआईए ने मोबाइल फोन, बैंक पास बुक समेत अभिलेख लिए थे, लेकिन बाद में लौटा दिए थे।

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घबराहट पर मां को पहुंचे दिखाने

एनआईए की पांच घंटे चली छानबीन से घबराईं सार्थक की मां को डॉक्टर के पास ले जाना पड़ा। पति राकेश मिश्रा दोपहर करीब 12 बजे उन्हें दिखाने ले गए। कुछ देर बाद घर ले आए।

गांव में चर्चा...घूमने तो नहीं आई होगी एनआईए

एनआईए के छापे की शुक्रवार को भी खूब चर्चा रही। ग्रामीणों का कहना है कि एनआईए की टीम यूं ही नहीं आई होगी... जरूर कुछ ठोस तथ्य मिले होंगे। बाबूपट्टी की ख्याति महानायक अमिताभ बच्चन के पैतृक गांव से रही है।

पिता बोले... फोन पर बेटे ने कहा-घबराने की कोई बात नहीं

राकेश ने बताया कि देर शाम सार्थक मिश्रा ने फोन करके बताया है कि वह एनआईए दफ्तर से लौट आया है। जांच अधिकारी ने कहा है, जब जरूरत होगी, तब बुलाएंगे। फिलहाल, घबराने की कोई बात नहीं है। फ्लैट में उसके बाद रहने आए लोगों के कारण गलतफहमी हुई है, जो जांच में दूर हो जाएगी। उसने एनआईए की शंकाओं को दूर कर दिया है।
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