रामपुर भागल हो रही श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन तुलसी पीठाधीश्वर स्वामी रामभद्राचार्य ने हम तो हिंदू हैं, हिंदू कहलाएंगे, राम चरणों में बलि-बलि जाएंगे...भजन से कथा की शुरू की। कहा, मेरी कथा धन के लिए नहीं है, भगवान के दर्शन की कथा है। अंतिम दिन उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी के विवाह के प्रसंग का सुनाया।
कथा को आगे बढ़ाते हुए बताया राजा भीष्मक की पुत्री रुक्मिणी के पांच भाई थे। रुक्मिणी सर्वगुण संपन्न एवं अति सुंदर थीं। भीष्मक के पास जो भी लोग आते-जाते थे, वे सभी कृष्ण की प्रशंसा करते थे। भगवान श्रीकृष्ण के गुणाें और उनकी सुंदरता पर मुग्ध होकर रुक्मिणी ने मन ही मन तय कर लिया था कि वह श्रीकृष्ण को छोड़कर किसी अन्य को पति के रूप में स्वीकार नहीं करेंगी।
रुक्मिणी के भाई रुक्म मित्र शिशुपाल से अपनी बहन का रिश्ता तय कर दिया। जब रुक्मिणी को इस बात का पता चला तो उन्होंने एक ब्राह्मण को द्वारिका श्रीकृष्ण के पास संदेश लेकर भेजा। पत्र में लिखा कि रीति के अनुसार हमारे कुल में वधु को गिरिजा दर्शन के लिए बाहर जाना पड़ता है। मैं गिरिजा के मंदिर जाऊंगी। आप वहां पहुंचकर मुझे स्वीकार कर लें। नहीं तो मैं अपने प्राणों का त्याग कर दूंगी। अंत में भगवान श्रीकृष्ण ने रुक्म व शिशुपाल के विरोध के बावजूद रुक्मिणी का हरण करके उनसे विवाह किया।
उन्होंने बताया कि भगवान कृष्ण ने 16 हजार गोपियाें के संग भी विवाह किया था। प्रसंग में उन्होंने भगवान कृष्ण के पौत्र अनुरुद्ध का हरण और पुंडरीक आसुर के वध का भी वर्णन किया। कथा के समापन पर भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। शुक्रवार को जगन्नाथ स्वामी का महाप्रसाद भोज होगा।
बागेश्वर पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री बोले- सनातन के लिए हमें एक होने की जरूरत
रामपुर खागल में श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन बृहस्पतिवार को बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री भी दोपहर करीब तीन बजे पहुंचे। उन्होंने हिंदू राष्ट्र के संकल्प को दोहराया। वह सीधे गुरु रामभद्राचार्य का आशीष लेने उनके पास गए। दोपहर 3:30 बजे उनके साथ मंच पर पहुंचे। उन्होंने हिंदुओं को एक रहने की शपथ दिलाई। देश को हिंदू राष्ट्र घोषित करने का संकल्प दिलाया। कहा, मेरे गुरु भाई रामचंद्र दास ने आज रामपुर खागल में महाकुंभ लगा दिया है। शाम 4:32 बजे वह कथा स्थल से रवाना हो गए। धीरेंद्र शास्त्री की एक झलक पाने के लिए बड़ी संख्या में भीड़ रामपुर खंगाल गांव में सुबह नौ बजे से ही पहुंचना शुरू हो गई थी। धूप में भक्त घंटों कतार लगाए उनके इंतजार में खड़े रहे।
राम मंदिर के लिए पीएम को धन्यवाद, देश के बंटवारे के लिए दो लोग जिम्मेदार- महंत राजूदास
कथा स्थल से हनुमानगढ़ी के महंत राजूदास ने राम मंदिर निर्माण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री योगी को धन्यवाद दिया। बिना नाम लिए कहा कि देश के बंटवारे के लिए दो लोग जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म की रक्षा के लिए सभी को तैयार रहना चाहिए। जब बात राष्ट्र और धर्म की आए तो हमें पीछे नहीं हटना चाहिए। राम मंदिर के फैसले में स्वामी रामभद्राचार्य की गवाही का जिक्र भी किया। बिना नाम लिए उन्होंने एक धर्म विशेष पर निशाना साधते हुए उन्हें आतंकवाद में शामिल होने की बात भी कही। उन्होंने धर्मो रक्षति रक्षित: का जयघोष कराया।
दिव्यांग मंशा की आस्था देख भक्त रहे दंग
कथा स्थल पर चौथे दिन भी पृथ्वीगंज की दिव्यांग मंशा पैदल ही पहुंचीं। पुलिसकर्मियों से लेकर आमजन मंशा की आस्था को देख आकर्षित हुए बिना न रह सका। मंशा ने बताया कि भाई लोग बाहर ही छोड़कर चले गए तो मैं अकेले ही चली आई। आज तो बागेश्वर धाम से सरकार भी पधार रहे हैं तो थोड़ा कष्ट सह कर उनके दर्शन करूंगी।
मीडिया गैलरी की कुर्सियों पर श्रोताओं का कब्जा
कथा का कवरेज करने के लिए मीडिया गैलरी बनाई गई थी, लेकिन कुर्सियों पर श्रोता पहले से ही काबिज हो गए थे। पत्रकारों को खड़े होकर कवरेज करना पड़ा। पुलिस कर्मियों से भी पत्रकारों की बहस हुई।
पुलिस रही चौकस, सीओ पट्टी ने संभाली व्यवस्था
धीरेंद्र शास्त्री के आगमन के लिए कई जिलों की पुलिस के साथ ही जिले के कई थानों की पुलिस मुस्तैद रही। कथा स्थल पहुंचने वाले मार्ग पर आठ किमी पहले ही पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। सीओ पट्टी आनंद राय सुरक्षा व्यवस्था में मुस्तैद रहे। कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा का जायजा लेने एडीएम व एएसपी पहुंचे।
आज होगा भोज, बिजेथुआ धाम जाएंगे स्वामी रामभद्राचार्य
रामपुर खागल में शुक्रवार को भोज होगा। स्वामी रामभद्राचार्य अपने हाथों से पांच लोगों को प्रसाद वितरित करेंगे। इसके बाद वह सुल्तानपुर के बिजेथुआ धाम के लिए रवाना होंगे।
स्वामी रामभद्राचार्य के विरुद्ध सौंपा ज्ञापन
प्रतापगढ़। अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद के जिलाध्यक्ष बिंदेश्वरी प्रसाद पाठक ने सोशल मीडिया पर वायरल तुलसी पीठाधीश्वर के वीडियो के संबंध में भावनाओं को आहत होने की बात कही है। उन्होंने बृहस्पतिवार को राज्यपाल के नाम का ज्ञापन डीएम को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि कई जातियों के ब्राह्मणों को नीच बताया गया है। यह असांविधानिक है। साथ ही वायरल वीडियो में स्वामी रामभद्राचार्य द्वारा कहे गए कथन से सामाजिक प्रतिष्ठा का हनन हुआ। वायरल वीडियो की जांच कराने, उनके विरुद्ध कार्रवाई करने और वायरल वीडियो के प्रसारण पर रोक लगाने की मांग की गई। ज्ञापन देने वालों में सतीश चंद्र उपाध्याय, नंदन चतुर्वेदी, आशुतोष उपाध्याय, दुर्गेश कुमार उपाध्याय, रामानुज मिश्रा, विजय पाठक समेत अन्य लोग मौजूद रहे। हालांकि वायरल वीडियो को पुराना बताया जा रहा है। संवाद
मंच से दरोगा ने सुनाए गीत-भजन
प्रतापगढ़। रामपुर खागल में कथा के मंच से एसआई लक्ष्मीकांत सेंगर ने भक्तों को गीत व भजन सुनाए। उन्होंने वीर रस से ओतप्रोत कविता भी सुनाई। उन्होंने घनघोर निराशा हो मन में... गीत प्रस्तुत किया। साथ ही कविता के माध्यम से पुलिस कर्मियों को भोजन नहीं मिलने के दर्द भी बयां किया।संवाद