जनपद कुशीनगर के रहने वाले जमाल अशरफ 2018 बैच के दरोगा हैं। जेठवारा थाने में उनकी तैनाती है। वह थाने के सामने ही रविशंकर विद्यार्थी के मकान में किराये पर कमरा लेकर रहते हैं। दो माह पहले वह अवकाश लेकर घर गए थे।
स्थानीय थाने में तैनात दरोगा जमाल अशरफ ने रविवार की शाम खुदकुशी का प्रयास किया। परिवार के लोगों से बातचीत के बाद उसने अपने कमरे में फांसी लगाने का प्रयास किया। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने उसे बचाया।
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जनपद कुशीनगर के रहने वाले जमाल अशरफ 2018 बैच के दरोगा हैं। जेठवारा थाने में उनकी तैनाती है। वह थाने के सामने ही रविशंकर विद्यार्थी के मकान में किराये पर कमरा लेकर रहते हैं। दो माह पहले वह अवकाश लेकर घर गए थे। अवकाश खत्म होने के बाद भी ड्यूटी पर नहीं लौटे। कुछ दिन पहले थाने पर लौटने पर उन्हें पुलिस लाइन में आमद करानी पड़ी। उन्होंने तबीयत खराब होने की जानकारी देते हुए चिकित्सा प्रमाण पत्र दिया। जिसके बाद उन्हें वापस जेठवारा थाने भेजा गया।
रविवार की देर शाम वह अपने कमरे में परिवार के लोगों से फोन पर तेज आवाज में बात कर रहे थे। कुछ देर बाद उनकी आवाज बंद हो गई। इस पर बगल में रहने वाले पुलिसकर्मी उनका दरवाजा खुलवाने लगे। दरवाजा तोड़कर पुलिसकर्मी अंदर पहुंचे तो जमाल फंदा तैयार कर फांसी लगाने जा रहे थे। कमरे की छत से रस्सी लटक रही थी और नीचे स्टूल था।
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बताया गया कि पारिवारिक तनाव में वह आत्मघाती कदम उठाने जा रहे थे। मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस महकमे में इस बात की भी चर्चा रहेगी दरोगा दूसरे जनपद में पोस्टिंग के लिए प्रयासरत थे। इससे पहले इसी मकान में सिपाही कुंदन शर्मा ने भी जान देने की कोशिश की थी। क्षेत्राधिकारी सदर पवन त्रिवेदी ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है।