पोस्टमार्टम के दौरान शरीर में मिलीं चार गोलियां
प्रयागराज। फूलपुर में बारात के दौरान मारे गए जीतेंद्र सिंह का बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम हुआ। इस दौरान उसके शरीर से चार गोलियां निकलीं। साफ था कि यह मामला हर्ष फायरिंग का नहीं बल्कि हत्या का है। पता चला है कि जीतेंद्र और सुभाष सिंह के बीच पहले ही से तनातनी चल रही थी। बारात में डीजे पर नाचने के दौरान दोनों फिर आमने सामने आ गए। तैश में आकर सुभाष ने गोली चला दी। बारातियों ने ही बताया कि सुभाष सिंह पिछले कई सालों से ड्यूटी पर नहीं जा रहा है। इस कारण सेना ने उसे भगोड़ा घोषित कर रखा है। हालांकि इस बात की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
सेना का भगोड़ा है आरोपी सुभाष
वर्चस्व को लेकर छिड़ी जंग में सुभाष बदला लेने का मौका खोज रहा था। जबकि मृतक जितेंद्र उर्फ भीम सब कुछ भूल चुका था। द्वारचार के दौरान सुभाष व जितेंद्र एक साथ डांस कर रहे थे। किसी को यह नहीं पता था कि सुभाष के मन में क्या चल रहा है। ग्रामीणों के अनुसार सुभाष सेना का भगोड़ा है। नौकरी से बर्खास्तगी के बाद वह घर पर ही रहता था। छोटी सी बात पर भी उसे गुस्सा आ जाता था।
20 घंटे तक परिजनों को नहीं दी गई मौत की जानकारी
मानधाता थाना क्षेत्र के हरखपुर निवासी जितेंद्र उर्फ भीम सिंह की जौनपुर में हत्या की खबर परिवारवालों से 20 घंटे तक छिपाकर रखी गई। केवल भीम के पिता को घटना की जानकारी थी। रात में घटना की जानकारी मिलते ही वह जौनपुर के लिए रवाना हो गए। शव पहुंचने से एक घंटे पहले तक परिवार के सदस्य हर दिन की तरह अपने काम-काज में व्यस्त थे। भीम सिंह के तीन भाई दीपू सिंह, अर्जुन सिंह और रुद्रप्रताप सिंह हैं। शव घर पहुंचने पर कोहराम मच गया। हर कोई मृतक के पिता पर जानकारी छिपाने के लिए नाराजगी दिखाता रहा।