प्रचंड गर्मी में जिले की बिजली व्यवस्था बेपटरी हो चुकी है। शहर के कुछ इलाकों समेत सैकड़ों गांवों के उपभोक्ता लो वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे हैं। लोगों के घरों में बल्ब जुगनू की तरह जल रहे हैं। पंखे रेंग रहे हैं। एसी-कूलर काम नहीं कर रहे हैं। बिजली होने पर भी लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है। शिकायत के बाद भी विभागीय अधिकारी अनजान बने हैं।
जिले में रानीगंज, लालगंज, कुंडा व सदर सहित चारों विद्युत वितरण पारेषण केंद्र के तहत कुल 67 उपकेंद्र हैं। कुल छह लाख से अधिक उपभोक्ता हैं। यह संख्या घरेलू व कामर्शियल दोनों की है। पंजीकृत उपभोक्ताओं के लिहाज से उपकेंद्रों की संख्या अभी कम है। इससे उपकेंद्रों पर अतिरिक्त लोड बना रहता है। गर्मी के दिनों में यह समस्या और गहरा गई है।
रानीगंज, पट्टी, लालगंज, कुंडा व सदर क्षेत्र के ऐसे दर्जनभर उपकेंद्र व फीडर हैं, जिन पर अधिक लोड होने से लो वोल्टेज की दिक्कत है। शहर के रूपापुर उपकेंद्र से जुडे दर्जनभर मोहल्लों में लो वोल्टेज की समस्या से लोगों को जूझना पड़ रहा है। इससे पानी की सप्लाई भी सुचारू रूप से नहीं हो पाती। पंखे-कूलर लो वोल्टेज के चलते ठीक से काम नहीं कर पाते। रात में मोहल्लों में अंधेरा छाया रहता है।
इसी तरह शहर के दहिलामऊ उपकेंद्र के दहिलामऊ, शुकुलपुर, पूरे ईश्वरनाथ सहित शहर से सटे मुहल्लों में लो-वोल्टेज की समस्या बनी हुई है। रानीगंज उपकेंद्र के करीब डेढ़ दर्जन गांव लो वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे हैं। उपकेंद्र के नार्थ, ईस्ट, वेस्ट व साउथ सभी चारों फीडर पर लो वोल्टेज की समस्या बनी हुई है। पट्टी के उडैयाडीह फीडर से जुड़े सिसौरा, सांगापट्टी, पूरे पहाड़, दुखियापुर, पूरे देदुआ, सरायभवानी, चौपई समेत 15 गांवों में लो वोल्टेज की समस्या है।
कुंडा डिवीजन से जुड़े करीब 40 से अधिक गांवों में लो वोल्टेज की समस्या बनी हुई है। इससे लोगों के घरों में बल्ब जुगनू की तरह जलते हैं। रात में गांवों में अंधेरा छा जाता है। लोग रतजगा करने के लिए मजबूर हैं। इस बारे में एक्सईन आरपी सिंह का कहना है कि जिले में बिजली की पर्याप्त उपलब्धता है। उपकेंद्रों की क्षमता वृद्धि की गई है। जहां लो वोल्टेज की दिक्कत है, वहां व्यवस्था दुरुस्त की जा रही है।