राजा पाल की तलाश में ताबड़तोड़ दबिश
ग्रामीणों के अनुसार, मकान प्रशासनिक अमले की मौजूदगी में जेसीबी लगाकर गिराया गया। जबकि पुलिस व तहसील प्रशासन कार्रवाई से इनकार कर रहा है। रानीगंज सीओ अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि शराब माफिया राजा पाल की तलाश में प्रयागराज व जौनपुर में दबिश दी गई। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले वह अपना ठिकाना बदल चुका था। मकान किसने गिराया, इसकी जानकारी नहीं है। किसी ने कोई शिकायत भी नहीं की है।
मुंबई समेत कई महानगरों में बना रखा है ठिकाना
फतनपुर थाना क्षेत्र के रामापुर हथौड़ा सराय निवासी राजेंद्र पाल उर्फ राजा पाल के पिता के नाम से दमदम में देशी शराब की लाइसेंसी दुकान है। पुलिस के अनुसार, अवैध शराब के कारोबार में काफी दिनों से राजा पाल सक्रिय था। उसका कारोबार प्रयागराज से संचालित होता था। अवैध शराब की कमाई से राजा पाल ने मुंबई समेत कई महानगरों में आशियाना बना रखा है। पुलिस उसकी संपत्ति खंगाल रही है।
सरायजमुनी में डेढ़ साल से चल रहा था अवैध शराब का कारोबार
शनिवार को पुलिस व आबकारी विभाग की कार्रवाई के दौरान अवैध शराब बनाने के लिए राजापाल के निर्माणाधीन मकान के तहखाने से 38 ड्रम स्प्रिट की बरामदगी को लेकर ग्रामीण भी हैरत में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि करीब डेढ़ साल से राजा पाल व उसके साथियों का आना-जाना लगा रहता था। रात में वाहन लगातार आते-जाते रहते थे, मगर कोई अवैध कारोबार के बारे में नहीं जानता था। सवाल यह उठ रहा है कि शराब माफिया के रूप में चिह्नित राजा पाल के क्रियाकलाप की भनक पुलिस व आबकारी विभाग को नहीं थी।
सरायजमुनी की कार्रवाई को लेकर छिड़ी रार
रानीगंज के सरायजमुनी में शराब माफिया राजा पाल के निर्माणाधीन मकान से अवैध शराब बनाने के लिए रखी गई स्प्रिट बरामदगी को लेकर दो शराब कारोबारी भी अब आमने-सामने आ रहे हैं। चर्चाओं पर यकीन करें तो कनेवरा में देशी शराब की दुकान में स्प्रिट बरामदगी के बाद शराब कारोबार से जुड़े लोगों ने ही राजापाल के नए ठिकाने के बारे में पुलिस व आबकारी विभाग को जानकारी दी थी। ताकि उसके साम्राज्य पर भी पुलिस व आबकारी विभाग शिकंजा कस सके। अब राजा पाल पुलिस की मुखबिरी करने वाले को अपना दुश्मन मानने लगा है। राजा पाल अवैध शराब का कारोबार प्रयागराज में ही करता है। उनके बीच जुबानी जंग भी छिड़ गई है। हालांकि पुलिस इन बातों से इनकार कर रही है।