चौक घंटाघर में विवाह के बाद भक्तों को आशीर्वाद देते राम व सीता। संवाद
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सोमवार को चौक का नजारा कुछ अलग दिखा। राम-सीता के जयकारों के बीच मांगलिक गीत गूंजे तो हर कोई कुछ देर के लिए वहां ठहर गया। अवसर था राम विवाह का, सीता को ब्याहने राम आए थे। जिस रथ पर भगवान राम अपने भाइयों के साथ सवार थे, उसे अलग-अलग किस्म के फूलों से सजाया गया था। खूबसूरत रथ पर बैठे चारों भाइयों को लोगों की नजरें अपलक निहार रही थी। हाईड्रोलिक से लगभग 50 फिट ऊपर राम-सीता के जयमाल को देखने के लिए हर कोई आतुर दिखा।
शहर के गोपाल मंदिर में गाजे-बाजे, घोड़ा, हाथी, रथों के साथ भगवान श्रीराम की बारात सजकर तैयार हुई। सदर विधायक राजकुमार पाल, रामलीला समिति के संरक्षक रोशनलाल ऊमरवैश्य, अध्यक्ष श्यामशंकर सिंह, मंत्री विपिन गुप्ता, संयोजक दिनेश सिंह दिन्नू सहित अन्य पदाधिकारियों ने भगवान श्रीराम सहित चारों भाइयों की आरती उतारी। इसके बाद बारात मिथिलानगरी को रवाना हुई। चौक घंटाघर से होते हुए बारात जेलरोड स्थित लक्ष्मीनारायण मंदिर पहुंची।
यहां आरती पूजन के बाद बारात निर्मल चौराहा स्टेशन रोड घूमते हुए चिलबिला रवाना हुई। फूलों की बारिश के बीच जय श्रीराम के जयकारे से पूरा वातावरण राममय बना हुआ था। चिलबिला, सदर मोड़, निर्मल तिराहा सहित शहर के विभिन्न हिस्सों से होते हुए रात में नौ बजे बारात घंटाघर चौराहे पर पहुंची। चौक घंटाघर पर हाईड्रोलिक सिस्टम से जयमाल के बाद वैदिक मंत्रों के बीच राम-सीता के विवाह की लीला पूरी हुई। आतिशबाजी के साथ फूलों की बारिश की गई।
चौक घंटाघर में राम विवाह देखने को उमड़ी भक्तों की भीड़। संवाद- फोटो : PRATAPGARH
जेलरोड लक्ष्मी नारायण मंदिर दर्शन को पहुंचे राम लक्ष्मण व भरत शत्रुघन। संवाद- फोटो : PRATAPGARH