रानीगंज क्षेत्र के कूराडीह में नए विद्युत उपकेंद्र का निर्माण होगा। इससे क्षेत्र की बिजली व्यवस्था में जल्द ही बदलाव होगा। विधायक धीरज ओझा के प्रस्ताव पर पूरे प्रक्रिया शुरू हो गई है। जमीन चिह्नित कर ली गई है। उपकेंद्र की क्षमता 5 एमवीए की होगी। सबकुछ ठीक रहा तो जल्द ही विद्युत उपकेंद्र का निर्माण शुरू होगा। इससे सैकड़ों गांवों की आपूर्ति व्यवस्था में सुधार होगा।
विद्युत वितरण पारेषण खंड रानीगंज से रानीगंज, तौकलपुर, पांडेयतारा, खाखापुर, गौरा सहित पांच उपकेंद्र जुड़े हैं। इन उपकेंद्रों के जरिए क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की जाती है। इन उपकेंद्रों पर क्षमता से अधिक लोड होने से आपूर्ति व्यवस्था आए दिन प्रभावित होती है। बारिश के दिनों में समस्या अधिक होती है। ट्रांसफार्मर फुंकने, तार टूटने की घटनाएं अधिक होती हैं। एलटी व एचटी लाइन दोनों प्रभावित होती हैं। उपकेंद्रों पर लोड अधिक होने से आए दिन लाइनें ब्रेकडाउन रहती हैं।
ग्रामीणों को बिजली संकट से जूझना पड़ता है। अब उपभोक्ताओं को इससे जल्द ही निजात मिलेगी। ग्रामीणों की मांग पर विधायक धीरज ओझा ने कूराडीह व मुआरआधारगंज में विद्युत उपकेंद्र के निर्माण को लेकर प्रस्ताव भेजा था। जिस पर मुहर लग गई है। कूराडीह में नए विद्युत उपकेंद्र की प्रक्रिया जारी है। जमीन चिह्नित कर ली गई है।
इससे करीब 100 गांवों के उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। लो वोल्टेज, ब्रेकडाउन से निजात मिल जाएगी। कूराडीह में उपकेंद्र बनने से रानीगंज व पांडेतारा उपकेंद्र का लोड कम हो जाएगा। अधिशाषी अभियंता आरके सिंह ने बताया कि कूराडीह में विद्युत उपकेंद्र का प्रस्ताव भेजा गया है। उपकेंद्र 5 एमवीए की क्षमता का होगा।
पूरे हिरावन में उपकेंद्र निर्माण के लिए बजट स्वीकृत होने के साथ शिलान्यास भी हो चुका है। कूराडीह व मुआरआधारगंज में विद्युत उपकेंद्र के लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है। प्रस्ताव भेजा गया है। आने वाले दिनों में रानीगंज क्षेत्र की बिजली व्यवस्था में बड़ा बदलाव दिखेगा। -धीरज ओझा, विधायक, रानीगंज