अधिकारियों को मांग पत्र सौंपता मृतक रोशन का भाई।
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इस दौरान कई बार मानधाता पुलिस व ग्रामीणों से तीखी झड़प भी होती रही। हर कोई आरोपियों पर अभी तक सख्त कार्रवाई न करने को लेकर आक्रोशित दिखे। जानकारी पर एसडीएम सदर शैलेंद्र वर्मा, सीओ रानीगंज विनय प्रभाकर साहनी मौके पर पहुंचे। मृतक के भाई रुस्तम से मांगों से संबंधित ज्ञापन लेते हुए दस लाख के बजाय कृषि बीमा दुर्घटना से पांच लाख रुपये के साथ ही अन्य मांगों को पूरा करने का भरोसा दिया।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य मोहम्मद आरिफ ने भी परिजनों को समझ बुझाकर शांत कराया। जिसके बाद गांव के कब्रिस्तान में ही शव को सुपुर्दे खाक किया गया। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी विद्या सागर मिश्रा ने बताया कि नामजद मुख्य आरोपी महफूज उर्फ भिंडी, इजहार उर्फ केंचुल और साहेब अली को घटना में प्रयुक्त तमंचा व बाइक के साथ गजेहड़ी से गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
जब कुएं के आसपास पहुंचे पुलिसकर्मी
पति के जनाजे को देखने के बाद शबाना बेसुध हो जा रही थी। रिश्तेदारी से आईं महिलाएं उसे संभालने में लगी रहीं। उसके द्वारा कुएं में कूदकर जान देने की धमकी के बाद पुलिस चौकन्नी हो गई। घर के आसपास कुएं पर पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए। शबाना पर निगाह रखने के लिए महिला सिपाहियों को लगाया गया।
सपा के प्रदेश अध्यक्ष को दी गई घटना की जानकारी, मांगी आर्थिक मददपूर्व जिला पंचायत सदस्य मोहम्मद आरिफ ने मिश्रपुर से ही सपा प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल को घटना से अवगत कराया। पीड़ित परिवार की माली हालत की जानकारी देते हुए आर्थिक मदद की मांग की। प्रदेश अध्यक्ष ने भरोसा दिलाया कि जल्द ही पार्टी फंड से मृतक की पत्नी को दो लाख रुपये की आर्थिक मदद प्रदान की जाएगी।
अंतिम संस्कार न करने की जिद पर अड़े परिजन और ग्रामीण।
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वर्चस्व में साल भर पहले अभिषेक पर भिंडी व केचुल ने किया था जानलेवा हमला
हैंसी बाजार में वर्चस्व कायम करने के लिए अक्सर विवाद होता रहता है। जिस स्थान पर रोशन की गोली मारकर हत्या हुई, उसी के आसपास तंदूरी रोटी भी बनाई जाती है। जहां शाम को युवाओं का जमघट लगता है। रोशन की हत्या में नामजद आरोपी महफूज उर्फ भिंडी, इजहार उर्फ केचुल ने अपने साथियों के साथ मिलकर तीन मई 2022 को घर जा रहे मिश्रपुर निवासी अभिषेक सिंह पर जानलेवा हमला किया था।
प्रयागराज में कई दिनों तक उसका उपचार चलता रहा। घटना के बाद तनाव को देखते हुए पुलिस ने भिंडी व केचुल के घर पर बुलडोजर चलाया था। जिसके बाद दोनों ने कोर्ट में सरेंडर किया था। कुछ दिन पहले ही वे जेल से छूटे थे। बाजार में वर्चस्व कायम करने के लिए असलहा लेकर घूमते थे। पुलिस की सख्ती के बाद वे गैरजनपद चले जाते थे। इजहार उर्फ केचुल के ऊपर हत्या, जानलेवा हमला समेत मारपीट के पांच और महफूज उर्फ भिंडी के ऊपर दो मुकदमे दर्ज हैं।