अधिकारियों को मांग पत्र सौंपता मृतक रोशन का भाई।
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अधिकारियों ने मांगों को पूरा करने का दिया आश्वासन
मांग पत्र में दिए गए 10 लाख रुपये आर्थिक सहायता को संशोधित करते हुए कृषक बीमा योजना से पांच लाख और मुख्यमंत्री राहत कोश से सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। परिवार को सुरक्षा के लिए शस्त्र लाइसें, रोशन जमां की पत्नी शबाना बानो के नाम प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक आवास के साथ ही आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई का भरोसा दिया। मृतक के अंतिम संस्कार के लिए राष्ट्रीय सामाजिक सहायता के तहत 30 हजार रुपया आर्थिक साहयता देने का निर्देश लेखपाल को दिया गया। अधिकारियों के आश्वासन पर शव को कब्रिस्तान में सुपुर्द ए खाक किया गया। घटना को लेकर परिजनों और ग्रामीणों में काफी आक्रोश दिखा।
मृतक रोशन अली की पत्नी शबाना बानो।
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कार्रवाई न हुई तो तीनों बच्चों समेत कुंए मे कूदकर दे दूंगी जान
मृतक रोशन जमां की पत्नी शबाना बानो ने पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के सामने चीख-चीखकर कहा कि अगर आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई न हुई तो वह तीनों बच्चों के साथ कुएं में कूदकर जान दे देगी। इसके पहले शव का अंतिम संस्कार कराने के लिए पुलिस और परिजनों के बीच तीखी बहस और नोकझोंक हुई। पुलिस किसी भी दशा में शव का अंतिम संस्कार कराने पर अड़ी थी, लेकिन परिजन बिना मांग पूरी हुए शव नहीं उठने देने पर आमादा थे। पूर्व जिला पंचायत सदस्य मोहम्मद आरिफ व अधिकारियों के समझाने बुझाने व मांग पत्रों पर कार्यवाही किये जाने के आश्वासन पर परिजन शव का अंतिम संस्कार करने के लिए तैयार हुए।