प्रतापगढ़ जंक्शन पर ड्यूटी लगाने को लेकर हुए हंगामे के मामले में उप स्टेशन अधीक्षक इबरार अहमद को रेल सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। उन पर मंडल रेल प्रबंधक से चैंबर में अभ्रदता करने, आत्मदाह की धमकी देने और साथियों को धमकाने के भी आरोप लगे हैं। वहीं स्टेशन अधीक्षक और टीआई को डीआरएम कार्यालय में रोक लिया गया है। उन पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
स्टेशन अधीक्षक एसके यादव और उप स्टेशन अधीक्षक इबरार अहमद के बीच बीते सात नवंबर को आउटडोर पर ड्यूटी लगाने को लेकर कहासुनी हो गई थी। स्टेशन अधीक्षक ने डिप्टी एसएस इबरार अहमद की ड्यूटी आउटडोर स्टेशन मास्टर के रूप में लगा दी। इसे लेकर स्टेशन पर जमकर हंगामा हुआ। मामला आरपीएफ थाने तक पहुंच गया। हालांकि बाद में समझौता हो गया। स्टेशन अधीक्षक ने वरिष्ठ मंडल रेल परिचालन को अपनी रिपोर्ट भेज दी।
वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक (सीनियर डीओएम) केके रोरा ने दूसरे ही दिन सभी को लखनऊ तलब कर लिया। आरोप है कि इबरार अहमद ने 20-25 बाहरी लोगों के साथ सीनियर डीओएम के चैंबर में पहुंचकर अभद्रता की और गोली मारने की धमकी दी। सीनियर डीओएम डीआरएम के कार्यालय में गए तो इबरार और उनके साथी वहां भी पहुंच गए और आत्महत्या की धमकी देने लगे।
विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए इबरार अहमद को बर्खास्त कर दिया। सीनियर डीओएम ने इस बाबत पत्र भेजा है। जबकि इस मामले में तलब किए गए स्टेशन अधीक्षक एसके यादव और टीआई राजेश कुमार को अभी डीआरएम कार्यालय में ही रोका गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार मामले में स्टेशन अधीक्षक और टीआई पर भी कार्रवाई हो सकती है।
पहले भी इबरार हो चुके थे सस्पेंड
प्रतापगढ़ में स्टेशन मास्टर के पद पर तैनात रहे इबरार अहमद पर एक युवती ने बदसलूकी का आरोप लगाया था। इस मामले में भी वे सस्पेंड हुए थे। हालाकि कुछ ही दिनों बाद वे बहाल हो गए थे। उन्होंने चिलबिला स्टेशन का चार्ज दिया गया था। प्रमोशन होने के बाद वे प्रतापगढ़ जंक्शन पर स्टेशन अधीक्षक बनकर आए थे। पखवारे भर पहले ही उन्होंने ड्यूटी ज्वाइन की थी। इसी बीच कुर्सी को लेकर तकरार हो गई। जिसके चलते वे बर्खास्त हो गए।