फसल को जानवरों से बचाने के लिए खेत के चारों ओर बनाई गई बाड़ एक वृद्ध के लिए काल बन गई। कोहड़ौर थाना क्षेत्र के औरंगाबाद में बेटों ने लोहे के कंटीले तार में करंट दौड़ा दिया था। सोमवार सुबह इसकी चपेट में आने से पिता नाथूराम वर्मा (85) की मौत हो गई। हादसे से घर में कोहराम मच गया।
कोहड़ौर थाना क्षेत्र के औरंगाबाद निवासी श्यामलाल, अच्छेलाल व मिट्ठूलाल पुत्र नाथूराम ने खेत में बोई गई फसल को जानवरों से बचाने के लिए चारों तरफ से लोहे के तारों की बाड़ लगा रखी है। रात में बेटे बाड़ में करंट दौड़ा देते थे। सुबह बिजली का तार बाड़ से अलग कर दिया जाता था। रविवार रात में भी बाड़ में करंट प्रवाहित किया गया।
सोमवार सुबह नाथूराम के बेटे बिजली का तार अलग करना भूल गए। करीब दस बजे नाथूराम घास काटने के लिए खेत की ओर गए। अचानक वह करंट की चपेट में आकर झुलसने लगे। घटना के बाद आसपास के लोग भागकर मौके पर पहुंचे और किसी तरह बिजली का तार अलग किया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। हादसे के बाद परिजन बिलखने लगे। श्यामलाल की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।