फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गुलाबी गैंग की तरह गांवों की महिलाएं शराबियों को सिखाएं सबक : राज्यपाल

Mon, 15 Feb 2021 07:48 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
विज्ञापन
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल - फोटो : गूगल
विज्ञापन
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने गांवों को नशामुक्त करने के लिए स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि गांवों से जब तक नशा नहीं खत्म होगा, तब तक गरीबी नहीं दूर हो सकती है। उन्होंने कहा कि गांवों में शराबियों को सबक सिखाने के लिए दस-दस महिलाओं की टीम बनाई जाए और बुंदेलखंड के गुलाबी गैंग की तर्ज पर उन्हें ड्रेस उपलब्ध कराई जाए। ऐसी महिलाओं को पुलिस संरक्षण भी दे।
विज्ञापन


सोमवार को जिले के दौरे पर आईं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने पूरे कार्यक्रम के दौरान सबसे अधिक समय स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से बात करने में बिताया। राज्यपाल से मिलने पहुंचीं पांच महिलाओं से उनका परिचय पूछने के साथ ही उनके रोजगार से जुड़ी जानकारी भी हासिल की। उन्होंने आमदनी बढ़ाने के लिए महिलाओं को टिप्स देते हुए कहा कि सबसे पहले गांव से नशा खत्म करना होगा।

इसके लिए महिलाओं को ही लड़ाई लड़नी होगी। बुंदेलखंड का उदाहरण देते हुए राज्यपाल ने कहा कि वहां पर गुलाबी गैंग की महिलाओं ने काफी हद तक गांव के लोगों को सुधार दिया है। उन्होंने कहा कि महिलाएं शराब के खिलाफ स्वयं अभियान चलाएं। दस-दस महिलाओं का ग्रुप बनाकर उन्हें ड्रेस दी जाए और उनके फोन पर पुलिस तुरंत गांव पहुंचे और मदद करे। उन्होंने कहा कि अगर गांव नशा मुक्त हो जाएं, तो परिवार की आमदनी स्वत: बढ़ जाएगी।

डीएम से बोलीं, सिर्फ पांच महिलाओं को बुलाया

पुलिस लाइन में हेलीकाप्टर से उतरने के बाद राज्यपाल महिलाओं से मिलने पहुंचीं। उन्होंने डीएम की ओर देखकर कहा, सिर्फ पांच महिलाओं को बुलाया है। अगर सौ-डेढ़ सौ महिलाएं होतीं, तो वे गांवों में जाकर उनकी बात को सैकड़ों परिवारों तक पहुुंचा पातीं। 

कहां बेचते हैं आंवले के उत्पाद

महिला स्वावलंबन ट्रस्ट नारंगपुर पट्टी के संस्थापक भक्ति प्रकाश ने राज्यपाल से मिलकर दावा किया कि उन्होंने जिले की दस हजार महिलाओं को रोजगार दिया है। इस पर राज्यपाल ने पूछा कि आंवले को जो उत्पाद तैयार कर रहे हैं, उसे कहां बेचते हैं। इसके लिए कोई सरकारी मदद नहीं मिलने पर अफसोस जताया। राज्यपाल ने ट्रस्ट की अध्यक्ष उर्मिला सिंह और वीरेंद्र तिवारी से भी मुलाकात की। मानधाता इलाके के सरायनाहरराय की प्रतिभा देवी से बात करते हुए कहा कि समाज की मुख्यधारा में शामिल हुए बगैर महिलाओं की पहचान नहीं बनेगी। इसलिए अपने को कमजोर न समझें। नशामुक्ति के लिए महिलाओं को हो आंदोलन चलाना होगा।

कम लागत में शुरू करें छोटा व्यवसाय

राज्यपाल ने उड़ीडीह गांव से आई नीलम मौर्य और सबा खान से बात करते हुए कहा कि यह जरूरी नहीं है कि व्यवसाय प्रारंभ करने के लिए बड़ी पूंजी हो। कम लागत में छोटा व्यवसाय भी शुरू किया जा सकता है। उन्होंने बुंदेलखंड, गुजरात में महिलाओं द्वारा किए गए प्रयास का उदाहरण प्रस्तुत किया और उनसे प्रेरणा लेकर आगे बढ़ने को कहा। 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें