अफवाह का बम शनिवार को दो मासूमों पर कहर बन कर फूटा। कोतवाली में बम की फर्जी सूचना पर जिले भर की पुलिस में हड़कंप मच गया। इसके बाद लालगंज कोतवाली पुलिस ने फर्जी सूचना देने के शक में बुजुर्ग के साथ दो मासूमों को भी हिरासत में ले लिया। दोनों को पांच घंटे थाने पर बैठाए रखा गया। इस बीच लालगंज पुलिस देर रात तक पता नहीं कर पाई थी कि कोतवाली में बम होने की फर्जी सूचना किसने कंट्रोल रूम को दी।
पुलिस की डायल 100 की सेवा के कंट्रोल रूम में शनिवार को किसी ने मोबाइल फोन से काल कर लालगंज कोतवाली में बम रखे होने की सूचना दे दी। फोन करने वाले ने अपना नाम अखिलेश यादव बताते हुए कहा कि अजय श्रीवास्तव नाम के किसी व्यक्ति ने कोतवाली उड़ाने के लिए बम रख दिया है। इसकी जानकारी कोतवाली पुलिस को दी गई तो उसके होश उड़ गए। आनन फानन में कोतवाली की छानबीन कराई गई लेकिन कहीं पर बम नहीं मिला। इस पर पुलिस ने कंट्रोल रूम द्वारा उपलब्ध कराए गए मोबाइल नंबर को ट्रेस किया और करीब दो बजे कोतवाली के जलालपुर अमांवा निवासी राम नेवल शुक्ल समेत दो बच्चों अनुभव (9) व वैभव (7) को हिरासत में ले लिया गया। हालांकि उन्होंने सौ नंबर पर फोन करने से इनकार किया। शाम करीब सात बजे तीनों को छोड़ दिया गया। कोतवाल ने बताया कि जो नंबर सौ नंबर द्वारा बताया गया है उसके आधार पर झूठी सूचना देने वाले आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। फोन किसने किया था यह अभी साफ नहीं हो पा रहा है।