पिहानी-कारावां मार्ग पर इटारा गांव के पास मरणासन्न हालत में पाए गए चंदापुरवा निवासी युवक की मौत के मामले में परिजनों ने गांव के प्रधानपति समेत छह के खिलाफ रंजिश में हत्या करने का आरोप लगाया है। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम इटारा के मजरा चंदापुरवा निवासी यामीन (40) शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे इटारा गांव के पास मरणासन्न हालत में पड़ा मिला था। परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। हालत नाजुक होने पर डॉक्टरों ने उसे लखनऊ रेफर कर दिया था। इलाज के दौरान यामीन की मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि गुरुवार को यामीन का इटारा गांव के सरजू आदि के साथ लेनदेन को लेकर विवाद हुआ था। आरोपियों ने यामीन के खिलाफ कोतवाली में एनसीआर दर्ज कराई थी। पुलिस ने यामीन को कोतवाली बुलाया था। परिजनों के मुताबिक शुक्रवार दोपहर कोतवाली से वापस आते समय इटारा गांव में प्रधान पति नरेंद्र के दरवाजे पर पहले से ही घात लगाए बैठे सरजू, धर्मवीर, प्रकाश, मनोहर, नरेंद्र और अभिषेक ने उसे घेर लिया और ईंट से कुचल कर उसे मरणासन्न कर दिया। यामीन को मरा समझ कर आरोपी मौके से फरार हो गए थे। पिता हुसैनी की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी सरजू, धर्मवीर, प्रकाश, मनोहर, नरेंद्र व अभिषेक निवासीगण इटारा कोतवाली पिहानी के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है।
ईद के दिन आंगन में पहुंची लाश
ईद के मौके पर आंगन में जवान बेटे की लाश देख कर पिता हुसैनी समेत परिजनों में मातम छा गया। परिजनों ने बताया कि यामीन विवाहित था। वह घर के बाहर गुमटी में पान मसाले की दुकान करता था। यामीन का शव घर पहुंचते ही पत्नी शहाबो गश खाकर गिर गई। परिजनों ने नम आंखों से यामीन को सुपुर्दे खाक किया।