रास्ते के विवाद में गई महिला की जान
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कश्मीर के अखनूर बटाला में आतंकी हमले में जान गंवाने वाले इरशाद व सलमान का ब्यौरा शासन ने तलब किया है। देश की सीमा पर आतंकी हमले में जान गंवाने वाले दोनों युवकों के परिवार को आर्थिक मदद व नौकरी दिलाने की मांग उठ रही थी। इस मामले को शासन ने गंभीरता से लिया है।
मानधाता के बहरापुर निवासी इरशाद और लिलौली मानधाता निवासी सलमान बार्डर रोड आर्गेनाइजेशन में कैजुअल पे लेबर के रूप में काम करते थे। अखनूर बटाला में मजदूरों के रहने वाले शिविर पर 9 जनवरी की रात आतंकियों ने हमला बोल दिया। जिसमे इरशाद व सलमान की मौत हो गई और उनका साथी अजीज का पैर कट गया। बुधवार को दोनों को बहरापुर के कब्रिस्तान में सुपुर्दे खाक कर दिया गया।
अधिकारियों ने दोनों को अंतिम विदाई दी थी। दोनों युवकों की मौत के बाद जमीयत उलेमा के जिलाध्यक्ष मौलाना मुनीर साहब, कांग्रेस नेता जिला पंचायत सदस्य मोहम्मद आरिफ ने उन्हें शहादत का दर्जा देने, आर्थिक मदद देने के साथ ही परिवार के लोगों को नौकरी देने की मांग की थी। महाराष्ट्र सपा अल्पसंख्यक सभा के प्रदेश अध्यक्ष मौलाना शब्बीर मजाहरी ने भी शासन स्तर पर दोनों पीड़ित परिवारों की हर संभव मदद की मांग की थी। शुक्रवार को शासन से इरशाद व सलमान के परिवार का ब्यौरा व घटनाक्रम तलब किया गया। खुफिया विभाग दोनों के परिवार का ब्यौरा एकत्र करने के लिए भागदौड़ करता रहा।