लूट की घटनाओं की रोकथाम करने में नाकाम जेठवारा व देवसरा एसओ व एक दरोगा को पुलिस अधीक्षक ने सस्पेंड कर दिया है। पूर्व में दंडित हो चुके इंस्पेक्टर मनीष पांडेय को फिर जेठवारा की कमान सौंपी गई है, जबकि क्राइम ब्रांच में तैनात सदर विधायक संगमलाल गुप्ता से दुर्व्यवहार के आरोपी संजय शर्मा को देवसरा थानाध्यक्ष बनाया गया है।
कुछ दिनों की शांति के बाद बीते चार दिनों से बदमाशों ने जिले में कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाकर रख दीं। सोमवार को दिनदहाड़े बाइक सवार तीन नकाबपोश बदमाशों ने जेठवारा थाना क्षेत्र के तारापुर साधन सहकारी समिति के सचिव राजेश वैश्य से 5.25 लाख रुपये लूट लिए थे। इसी प्रकार देवसरा थाना क्षेत्र में कुछ दिनों पहले पेट्रोल पंप के सेल्समैन से लूट हुई थी, जिसका खुलासा देवसरा एसओ नहीं कर सके थे। लगातार हो रहे अपराधों से नाराज एसपी देवरंजन वर्मा ने जेठवारा एसओ अर्जुन सिंह और देवसरा एसओ आशुतोष त्रिपाठी और देवसरा थाने के उपनिरीक्षक अरविंद उपाध्याय को निलंबित कर दिया।
कुछ दिन पहले जेठवारा से लालगंज कोतवाली भेजे गए दागी इंस्पेक्टर मनीष पांडेय को जेठवारा की फिर कमान सौंप दी। देवसरा के बाद रानीगंज में लूट की घटनाओं को रोकने में नाकाम मनीष पांडेय को तत्कालीन एसपी ने सस्पेंड कर दिया था। यहां तक कि पूरा थाना बदल डाला था। सदर विधायक संगमलाल गुप्ता से दुर्व्यवहार के आरोपी क्राइम ब्रांच में तैनात संजय शर्मा को देवसरा का थानाध्यक्ष बनाया है। इस बात की चर्चा रही कि कंधई और अंतू थाना क्षेत्र में भी लगातार वारदात वारदात हो रही है, लेकिन वहां के थानेदारों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंतू में ही रविवार की रात सिपाही रामसिंह के पिता रामकरन की गोली मारकर हत्या तक कर दी गई, लेकिन पुलिस उसे हादसा ही बताती रही।