जिले में अचानक आपराधिक घटनाओं में इजाफा होने पर आईजी जोन मोहित अग्रवाल का पारा चढ़ गया। सोमवार रात में ही सिटी सर्किल के थानेदारों को तलब कर उनकी जमकर क्लास लगाई। बोले, एक लाख का ईनामी अंकुर उर्फ हब्बू पासी कहां है। अभी तक वह हाथ क्यों नहीं आया। कब पुलिस के हाथ लगेगा। उसे पकड़ने के लिए कौन सा प्रयास किया। आईजी ने एसओ अंतू को आंखे तरेरते हुए चेतावनी दी तो कोहड़ौर एसओ को भी नहीं बख्शा। जिले में डेरा डाले आईजी खुद सड़क पर संदिग्धों की धरपकड़ में जुट गए। थानेदार से लेकर दरोगा को दस-दस ट्रिपल सवारी वाले वाहनों की धरपकड़ का फरमान सुनाया। शहर से लेकर गांव में हर रूटों पर पुलिसकर्मी चेकिंग करते दिखे।
जेठवारा में हुई लूट की घटना के बाद पहुंचे आईजी मोहित अग्रवाल का पारा गरम था। सोमवार की रात पुलिस लाइन में पहले सीओ के साथ मीटिंग की। इसके बाद अंतू व कोहड़ौर थानाध्यक्ष के साथ ही नगर कोतवाल के साथ बैठक की। सूत्रों की मानें तो बैठक शुरू होते ही आईजी ने एसओ अंतू संजय यादव से सवाल किया कि हब्बू कहां हैं और कब मिलेगा। बैंक डकैती करने वाले कितने बदमाशों को अभी तक पकड़े। आईजी के सवाल सुन एसओ अंतू बोले कि सर लगा हूं। फटकार लगाते हुए आईजी बोले कि अभी तक कौन सा तीर मारा। कब तक हब्बू मिलेगा।
कोहड़ौर एसओ एमपी सिंह से भी आईजी ने यही सवाल दागा। वह भी तलाश मेें दबिश की जानकारी देने लगे। आईजी ने उनकी भी क्लास लगाई। सभी को हिदायत दी कि जल्द से जल्द अपराधी जेल की सलाखों में होने चाहिए। संदिग्ध लोगों को पकड़ने के लिए चेकिंग का कौन सा फंडा अपनाया जाएगा। तीनों थानों में जिगजैग की तरह वाहन चेकिंग होनी चाहिए। ताकि संदिग्ध लोगों को भागने का मौका न मिल सके। मंगलवार को आईजी खुद सड़क पर उतरकर वाहनों की चेकिंग कराई। जिले भर ट्रिपल सवारी वाले लोगों पर खास नजर रखने व ऐसे लोगों की धरपकड़ का फरमान सुनाया। जिसके बाद पुलिस सड़कों पर वाहनों की चेकिंग करती रही।
आईजी मोहित अग्रवाल मंगलवार की शाम पुलिस अधीक्षक देवरंजन वर्मा के साथ शाम को फिर मातहतों की कारगुजारी परखने निकले। सभी को निर्देश दिया गया था कि जिले भर में चली वाहन चेकिंग के दौरान ट्रिपल सवारी वाले वाहनों की धरपकड़ की जाएगी। नगर कोतवाली मेें 92 वाहनों को पकड़कर लाया गया। शहर के हर चौराहे पर चेकिंग होती रही।