प्रतापगढ़। बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जी अंकपत्र और डिग्री लगाकर नौकरी हासिल करने वाले 41 अध्यापकों पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया गया है। इस फर्जीवाड़े में 22 सहायक अध्यापक और 19 शिक्षामित्र शामिल हैं। विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत के चलते इन लोगों ने नौकरी हासिल कर ली थी। बेसिक शिक्षा विभाग में वर्ष 2016 और 2017 में सहायक अध्यापकों की जो नियुक्तियां हुई थीं, उसमें विभाग के मुताबिक 41 लोगों ने फर्जी अंकपत्र और कूटरचना करके नौकरी हासिल की थी। विभाग ने इन लोगों को सेवा से बर्खास्त तो कर दिया, मगर न तो एफआईआर हुई और न ही वेतन लेने वाले फर्जी टीचरों से वसूली हुई। शासन के आक्रामक रुख अख्तियार करते ही फर्जी अध्यापकों पर मुकदमा दर्ज कराने की आनन-फानन में तैयारी शुरू कर दी गई है।
16,460 पदों की भर्ती में तैनात आठ अध्यापकों के खिलाफ मुकदमा तो होगा, मगर इनसे रिकवरी की कार्रवाई नहीं होगी। दरअसल, इन लोगों को वेतन भुगतान किया ही नहीं गया था। मगर 35 अध्यापक ऐेसे थे, जिन्होंने विभाग को करोड़ों रुपये का चूना लगाया है। बुधवार को बीएसए कार्यालय में पुरानी फाइलों को खोजने के साथ ही फर्जीवाड़ा करने वालेे अध्यापकों की सूची तैयार करने के साथ ही तैनाती वाले स्कूल का नाम और घर का पता भी खोजने का अभियान चलता रहा। देरशाम फर्जीवाड़े में शामिल 41 लोगों की सूची तैयार कर खंड शिक्षा अधिकारियों को भेजकर निकट के थाने में मुकदमा दर्ज कराने को कहा है।