घटना के करीब आठ साल बाद बेटे ने अपने रिटायर्ड सिपाही पिता पर जानलेवा हमला करने का केस दर्ज कराया। पुलिस मुकदमा दर्ज कर आरोप की जांच शुरू कर दी है। मानधाता थाना क्षेत्र के सरायमुरार सिंह निवासी संतोष कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री को भेजे शिकायती पत्र में बताया कि 2 जुलाई 2009 को वह अपनी पत्नी कंचन के साथ शहर के अफीम कोठी के करीब मकान में रहता था। आरोप है कि उसके सिपाही पिता विष्णु प्रताप सिंह ने संपत्ति और रुपये के विवाद में उसे गोली मार दी थी। दावा किया कि गोली उसके पेट में घुसी हुई थी। इसे कई साल बाद निकाला जा सका।
घटना के बाद आरोपी पिता अपनी ड्यूटी वाले जनपद सुलतानपुर चले गए। अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए मेरी पत्नी कंचन से सुलहनामा लिखवा लिया। इसके बाद मुकदमा तक दर्ज नहीं हो सका। इससे वह अंजान रहा। जब इस बात की जानकारी उसे हुई तो वह दंग रह गया। उसने पुलिस अधिकारियों के सामने मामला रखा लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। सीएम के आदेश पर बुधवार को बेटे संतोष की तहरीर पर पुलिस ने रिटायर्ड सिपाही विष्णु प्रताप सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोप की जांच शुरू कर दी।