हथिगवां के बलीपुर में 2 मार्च 2013 को हुए तिहरे हत्याकांड की दोबारा जांच करने आई सीबीआई की टीम ने बलीपुर के कुछ ग्रामीणों से पूछताछ की और अभिलेख देखे। तीन दिनों तक जांच-पड़ताल करने के बाद टीम दिल्ली रवाना हो गई।
सूत्रों के अनुसार सीबीआई के सदस्य ग्रामीणों से पूछताछ के दौरान यह सवाल करते रहे कि जब तत्कालीन प्रधान नन्हें यादव को कुंडा सीएचसी में मृत घोषित कर दिया गया था, तब किन लोगों ने शव को घर तक पहुंचाया। क्योंकि पुलिस को यह मालूम था कि शव घर पहुंचने पर बवाल हो सकता था। उसे शव कब्जे में लेना चाहिए था।
तिहरे हत्याकांड में मारे गए सीओ जिलाउल हक की पत्नी परवीन आजाद की प्रार्थना के बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर दस वर्ष बाद बलीपुर कांड की जांच करने पहुंची सीबीआई टीम ने शुक्रवार को बलीपुर में घटनास्थल देखा। हर बिंदुओं पर छानबीन के बाद घटनास्थल का वीडियो बनाया था।
देर शाम बलीपुर से निकली सीबीआई हथिगवां थाने पहुंची। करीब तीन घंटे तक रुककर बलीपुर से बुलाए गए चार ग्रामीणों से पूछताछ करती रही। घटना में प्रयुक्त असलहों की जांच की रिपोर्ट देखी। इससे पहले भी दो ग्रामीणों से और घटना के समय सीओ को छोड़कर भागे इंस्पेक्टर समेत अन्य पुलिसकर्मियों से पूछताछ की थी।