जिले के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों की जमीन पर अवैध कब्जे होने से स्कूलों में चहारदीवारी का निर्माण नहीं हो रहा है। जिले के 189 स्कूलों को 8.35 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है। कब्जे की वजह से अभी तक 43 स्कूलों में चहारदीवारी का निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हो पाया है। अफसर अवैध कब्जा हटाने में असफल साबित हो रहे हैं।
बच्चों को स्कूल के अंदर सुरक्षित रखने के लिए शासन ने जिले के 189 प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में बाउंड्रीवाल निर्माण कराने के लिए प्रति विद्यालय 4.42 लाख रुपये का बजट दिया था। एक विद्यालय में अधिकतम 120 मीटर क्षेत्रफल में चहारदीवारी का निर्माण होना है।
हाल यह है कि जिले के अधिकांश स्कूलों की सरकारी जमीन पर आसपास के लोगों ने कब्जा कर रखा है। राजस्व और पुलिस विभाग सरकारी जमीन को खाली कराने में फेल हो गए हैं। आलम यह है कि प्रधानाध्यापकों की शिकायत के बाद अधिकारी कार्रवाई नहीं करा पा रहे हैं।
सदर विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय जहनईपुर, संविलियन विद्यालय पूरे माधव सिंह, प्राथमिक विद्यालय नरिया, प्राथमिक विद्यालय जगदीशपुर, प्राथमिक विद्यालय केशवराय, प्राइमरी स्कूल बबुरहा में अतिक्रमण के चलते बाउंड्रीवाल का निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हो पाया है। प्राथमिक विद्यालय जहनईपुर में प्रधानाध्यापिका ने गत् वर्ष दो बार एसडीएम सदर से मिलकर टीम गठित कराकर विद्यालय के जमीन की पैमाइश कराई। राजस्व विभाग की पैमाइश में अवैध कब्जा को खाली कराने को कहा गया, मगर अभी तक जमीन कब्जा मुक्त नहीं कराई जा सकी है।
यह सही बात है कि स्कूल की जमीन पर आसपास के लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है, लेखपाल ने लिखकर भी दिया है, मगर अभी तक कब्जे वाली जमीन को खाली नहीं किया गया है।
- संतोष कुमार श्रीवास्तव, खंड शिक्षा अधिकारी, सदर
मेरी जानकारी में ऐसा कोई मामला नहीं आया है, सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा अपराध है। अगर किसी ने कब्जा किया है, तो जल्द ही जमीन खाली कराई जाएगी।
- राकेश कुमार गुप्ता, मुख्य राजस्व अधिकारी