नगर क्षेत्र के स्टेशन रोड पर रहने वाले अधिवक्ता मुक्तेश्वरनाथ ओझा ने आयोग में वाद प्रस्तुत कर बताया कि चेन्नई की स्वास्थ्य बीमा कंपनी से उन्होंने स्वास्थ्य बीमा कराया था।
दुर्घटना में घायल होने के बाद उपचार कराने के दौरान अधिवक्ता ने स्वास्थ्य बीमा कंपनी से प्रतिपूर्ति का दावा किया। कंपनी की ओर से क्लेम देने के नाम पर अभिलेखों में कमी बताई गई। इस पर उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में वाद दायर किया है।
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नगर क्षेत्र के स्टेशन रोड पर रहने वाले अधिवक्ता मुक्तेश्वरनाथ ओझा ने आयोग में वाद प्रस्तुत कर बताया कि चेन्नई की स्वास्थ्य बीमा कंपनी से उन्होंने स्वास्थ्य बीमा कराया था। तीन अक्तूबर 2021 को वह बाइक दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए। शहर के एक नर्सिंगहोम में उपचार कराया। स्वास्थ्य बीमा अवधि 19 सितंबर 2019 तक थी । क्लेम से संबंधित अभिलेखों का सत्यापन करने के बाद कंपनी की ओर से कमी बताई गई है।