कोरोना संकट के चलते स्कूलों में छाया सन्नाटा सोमवार को बच्चों की चहलकदमी से टूट गया। सुबह सभी सरकारी व मान्यता प्राप्त स्कूलों में नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थी अपनी शिफ्ट के अनुसार विद्यालय पहुंचे।
कोरोना संकट के चलते स्कूलों में छाया सन्नाटा सोमवार को बच्चों की चहलकदमी से टूट गया। सुबह सभी सरकारी व मान्यता प्राप्त स्कूलों में नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थी अपनी शिफ्ट के अनुसार विद्यालय पहुंचे। पहले दिन प्रधानाचार्यों ने स्वयं गेट पर खड़े होकर छात्र-छात्राओं का स्वागत किया। थर्मल स्क्रीनिंग व सैनिटाइजर लगाने के बाद बच्चों को कक्षाओं में प्रवेश दिया गया।
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मार्च महीने के आखिर में कोरोना की दूसरी लहर शुरू हो गई थी। इससे स्कूल व कालेज बंद कर दिए गए। इसके बाद कोरोना का संक्रमण तेज हो गया। अप्रैल के बाद से अब साढ़े चार महीने बाद विद्यालय सोमवार को खुले। विद्यालयों में बच्चों के पहुंचने से स्कूलों की रौनक लौट आई। शहर के साकेत इंटर कालेज में पहली शिफ्ट में सुबह 9 बजे छात्राएं पहुुंचीं। गेट पर बकायदा थर्मल स्क्रीनिंग व सैनिटाइज करने के बाद उन्हें क्लास में प्रवेश दिया गया। कोविड नियमों के बीच कक्षाएं संचालित हुईं। छात्राएं काफी उत्साहित रहीं।
हालांकि पहले दिन छात्राओं की संख्या कम रही। शहर के फुलवरिया स्थित न्यू एंजिल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में छात्र-छात्राएं क्लास के दौरान उत्साहित दिखीं। कक्षा नौ से 12वीं तक क्लास का संचालन हुआ। प्रबंधक डॉ. शाहिदा ने बताया कि पहले दिन बच्चों की संख्या कम थी। धीरे-धीरे बढ़ेगी। शहर के राजकीय इंटर कालेज में भी बच्चों ने क्लास ली।
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राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में भी यही हाल रहा। पहले शिफ्ट व दूसरे शिफ्ट में छात्राओं की संख्या कम रही। कोहड़ौर क्षेत्र के श्री जगतपाल रंगनाथ द्विवेदी इंटर कॉलेज रामापुर में प्रथम पाली में लगभग सैकड़ों की संख्या में पठन-पाठन के लिए विद्यार्थी उपस्थित रहे।
सोमवार को लाकडाउन के बाद खुला स्कूल साकेत गर्ल्स इंटर कालेज में पढ़ाई करती छात्राएं। संवाद- फोटो : PRATAPGARH