बेल्हा देवी धाम के समीप मोहल्ले में भरा सई नदी के बाढ का पानी। संवाद
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तीन दिनों तक लगातार हुई बारिश से सई, बकुलाही और सकरनी नदी उफना गई हैं। तटीय इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हैं। शहर से गुजरने वाली सई नदी उफान पर है। बेल्हा देवी घाट पर बनीं 26 सीढ़ियों में से 22 डूब गई हैं। बेल्हा घाट के किनारे बसा मोहल्ला पूरी तरह जलमग्न हो गया है। आधी रात को करीब 45 घरों में पानी घुस गया। इन परिवारों ने रिश्तेदारों और घरों की छतों पर शरण ले रखी है।
शुक्रवार दिनभर शांत रहने के बाद शाम को बादल फिर बरसने लगे। लगातार बारिश से सई, सकरनी, और बकुलाई नदी पूरी तरह उफान पर हैं। शुक्रवार को दिनभर सई नदी का जलस्तर बढ़ने का दौर जारी रहा। बेल्हा देवी धाम में कुल 26 सीढ़ियां बनी हुई हैं, जिसमें 24 सीढ़ियां पूरी तरह डूब गई हैं। बेल्हा देवी घाट पर बसे मोहल्ले में नदी का पानी प्रवेश कर गया है। रात ग्यारह बजे सई का जलस्तर बढ़ने के बाद लोगों के घरों में पानी घुसने लगा। इससे मोहल्ले में शोर मच गया।
रात में ही लोगों ने घर छोड़कर रिश्तेदारों के यहां शरण ली। हालांकि कुछ परिवार अभी भी घर की दूसरी मंजिल पर रह रहे हैं। उनके खाने-पीने की सामग्री नाव से पहुंचाई जा रही है। इधर, सकरनी नदी का जलस्तर बढ़ने से बाबू संत बख्श डिग्री कॉलेज में पानी घुस गया। इधर, दिलीपपुर स्थित बीटीसी कालेज में पानी घुसने से छात्र-छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।
घुइसरनाथधाम में डूब गया पुल
शुक्रवार रात सई नदी में अचानक आई बाढ़ से घुइसरनाथ धाम में पैदल चलने के लिए बना पुल पूरी तरह डूब गया। इससे आवागमन पूरी तरह ठप रहा। पुल के ऊपर से पानी बहता रहा।
शहर के कई मोहल्लों में अभी भी जलभराव
तीन दिन हुई बरसात से शहर के कई मोहल्लों में अभी भी जलभराव है। शिवजीपुरम, दहिलामऊ के अधिकांश इलाकों में पानी भरा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दहिलामऊ के मारुत नगर में पानी भर जाने से लोगों को आवागमन में दिक्कत उठानी पड़ी। बरसात इतनी अधिक हुई कि गांव के तालाब लबालब नजर आ रहे हैं।