सदर ब्लाॅक में बृहस्पतिवार को बड़ा हादसा होते-होते टल गया। साढ़े नौ बजे ब्लॉक भवन के खुलते ही अचानक छत का प्लास्टर भर-भराकर गिर पड़ा। दस बजे के बाद कार्यालय खुलने पर प्लास्टर गिरने से बड़ा हादसा हो सकता था। इसके बाद दिन भर कर्मचारी कार्यालय में बैठने से कतराते रहे।
विकास भवन के बगल में ही सदर ब्लॉक का कार्यालय है। इसका अपना निजी भवन नहीं है। ग्राम्य विकास विभाग के पुराने भवन में ही ब्लॉक कार्यालय संचालित हो रहा है। यह इतना पुराना है कि बरसात के दिनों में छत का पानी कार्यालय में टपकता है। बीडीओ निशा तिवारी द्वारा भवन की रंगाई-पुताई कराकर काम चलाया जा रहा है।
सुबह साढ़े नौ बजे सफाईकर्मी जैसे ही बीडीओ कक्ष का ताला खोलकर भीतर घुसा। उसी समय छत का प्लास्टर गिर पड़ा। चारों कमरों में ऐसा ही हुआ।
कर्मचारियों ने इसकी जानकारी बीडीओ को दी। इस बाबत बीडीओ का कहना है कि ग्राम्य विकास विभाग को मरम्मत कराने के लिए पत्र लिखा गया है।
सदर ब्लॉक भवन का निर्माण कराने के लिए शासन ने 3.02 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। 1.63 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है, मगर दूसरी किस्त नहीं मिलने से निर्माण कार्य अधर में है। कर्मचारियों की राय है कि जल्द से जल्द नए भवन में कार्यालय को शिफ्ट कर दिया जाए।