निगम की बसों में यात्रियों को बिना टिकट सफर कराने वाले 33 संविदा परिचालकों पर विभाग ने अर्थदंड लगाया है। इन्हें आदत में सुधार लाने की चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है। चेताया गया कि यदि सुधार न हुआ तो उनकी नौकरी समाप्त कर दी जाएगी।
परिवहन निगम के अफसरों ने अभियान चलाकर बगैर टिकट यात्रियों को बस से सफर कराने वाले परिचालकों की धरपकड़ की थी। एआरएम पीके कटियार ने बताया कि उनकी टीम ने ऐसे 33 संविदा परिचालकों को पकड़ा। यह परिचालक यात्रियों से किराया लेने के बाद भी टिकट नहीं जारी करते थे। इससे विभाग को चूना लग रहा था।
एआरएम ने बताया कि इन परिचालकों से 24 हजार 300 रुपये अर्थदंड वसूला गया है। जांच के दौरान एक बस में अग्निशमन यंत्र नहीं मिला था। दो बस परिचालकों ने अवैध रूप से सिंह ढाबा पर बस रोकी थी। दस बस परिचालक अधिक भार लेकर चलते मिले थे, मगर टिकट नहीं बनाए थे। अर्थदंड वसूलने के बाद भी बसों की मरम्मत तक नहीं कराई गई।
प्रतापगढ़ डिपो से 60 बसों का संचालन हो रहा है। इनमें से दस बसों को छोड़ दिया जाए तो बाकी कब और कहां धोखा दे जाएं, इसका अंदाजा नहीं है। अधिकांश बसों को चालू करने के लिए चालकों को यात्रियों से मदद मांगनी पड़ती है। यात्री बस को धक्का देते हैं तो यह चालू होती हैं।