सोमवार की शाम छह बजे पुलिस की कड़ी सुरक्षा में तौफीक का शव गांव लाया गया। शव गांव पहुंचते ही लोग आक्रोशित हो उठे और परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। परिजनों का कहना था कि स्वॉट टीम ने सुनियोजित तरीके से तौफीक की हत्या की और बाद में उसे मुठभेड़ दिखाने का प्रयास किया। परिजनों ने पुलिस-प्रशासन के सामने मांग रख दी कि जब तक दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज नहीं होता और मृतक की पत्नी को नौकरी व पचास लाख की आर्थिक सहायता नहीं मिलती तब तक तौफीक के शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
पुलिस व ग्रामीणों में कई बार हुई नोकझोंक
बाबूतारा में घर के बाहर शव रखकर विरोध प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों की पुलिस अफसरों से कई बार नोकझोंक हुई। शव का अंतिम संस्कार करने के लिए सीओ सिटी अभय पांडेय से लेकर कई थाना प्रभारी परिजनों को बार-बार समझाने आ रहे थे। इस बीच ग्रामीण बीच में बोलने लगे तो पुलिस ने सिर्फ परिजनों से बोलने को कहा। इसको लेकर कई बार ग्रामीणों व पुलिस के बीच नोकझोंक हुई। पुलिस जैसे ही शव दफनाने के लिए परिजनों से बात करने जाती कि ग्रामीण नोकझोंक करने लगते। सकें। सीडब्ल्यूसी मेंबर प्रमोद तिवारी ने कश्मीर में उत्तर भारतीयों की हत्या के कारण मजदूरों के पलायान पर भी चिंता जताई है।
लालगंज के बाबूतारा में पुलिस मुठभेड़ में मृत बदमाश के जनाजे की नमाज में जुटे लोग। संवाद- फोटो : PRATAPGARH
लालगंज के बाबूतारा में पुलिस मुठभेड़ में मृत बदमाश के घर तैनात पुलिस। संवाद- फोटो : PRATAPGARH