मैत्री ही संपूर्ण धम्म है, जिसमें बुद्ध ने साधना के सारे चरण दिए हैं। रविवार को सुगतानंद बुद्ध बिहार में पारंपरिक श्वेत वस्त्रों में धम्म ध्वजों के साथ पावन भिख्खू के सानिध्य , मार्गदर्शन में भव्य धम्मयात्रा निकाल कर विश्व शांति का संदेश दिया। दीपशिखा संजय , महिमा बौद्ध ने बुद्ध वंदना व स्वागत गीत प्रस्तुत किया।विशिष्ट अतिथि धम्मानुरागी बहन जसवंती, नवनीत सिंह, बलराम बौद्ध को स्मृति चिन्ह अंग वस्त्र व धम्म पट्टिका से सम्मानित किया गया ।
मैत्री ही संपूर्ण धम्म है, जिसमें बुद्ध ने साधना के सारे चरण दिए हैं। इसमें ग्यारह लाभ मार्ग हैं, जिन पर चलकर व्यक्ति अपनी संपूर्णता को पाता है और सामुदायिकता को अपने जीवन में समावेशित करता है। मैत्री भावना के सभी चरणों की क्रमिक साधना ही आपको परिपूर्णता की तरफ ले जाती है। यह बातें सुगतानंद बुद्ध बिहार पर वर्षावास के समापन पर डॉ. ओंकार वानखेड़े ने कही।
विज्ञापन
रविवार को सुगतानंद बुद्ध बिहार में पारंपरिक श्वेत वस्त्रों में धम्म ध्वजों के साथ पावन भिख्खू के सानिध्य , मार्गदर्शन में भव्य धम्मयात्रा निकाल कर विश्व शांति का संदेश दिया। कार्यक्रम का बुद्धारंभ भदन्त कल्याण मित्र महाथेरो , वर्षावास अधिष्ठान लिए पावन भिख्खू संघ के सानिध्य मे त्रिशरण , पंचशील , आनापानसति (ध्यान) से किया गया। दीपशिखा संजय , महिमा बौद्ध ने बुद्ध वंदना व स्वागत गीत प्रस्तुत किया।
विशिष्ट अतिथि धम्मानुरागी बहन जसवंती, नवनीत सिंह, बलराम बौद्ध को स्मृति चिन्ह अंग वस्त्र व धम्म पट्टिका से सम्मानित किया गया । कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पूर्व एसडीएम बृजेश कुमार प्रसाद ने कहा कि बुद्ध परिवार समाज को दिशा देने का कार्य कर रहा है। इस मौके पर सुशील कुमार, सुरेंद्र कुमार विमल, श्रीराम उमरवैश्य, रामप्यारी, अर्चना, सुशील आनंद, अमरावती, राम बहादुर मौर्य, डॉ. दयाराम मौर्य मौजूद रहे।