आरक्षण काउंटर पर यात्रियों ने किया हंगामा
टिकट लेने के लिए आरक्षण काउंटर पर पहुंचे यात्रियों ने शुक्रवार को उस समय हंगामा शुरू कर दिया जब तीन के बजाय महज एक काउंटर से ही टिकट जारी किया जा रहा था। यात्रियों के शोरशराबे से परेशान होकर आरक्षण कर्मचारियों को आरपीएफ को बुलाना पड़ा। रेलवे पुलिस ने किसी तरह लोगों को समझाकर शांत कराया।
आरक्षण काउंटर पर कर्मचारियों की कमी है। इससे तीन के बजाय कभी-कभार एक ही काउंटर से टिकट वितरण किया जाता है। इससे नाराज यात्रियों ने शुक्रवार को हंगामा शुरू कर दिया। मुख्य पर्यवेक्षक रणजीत सिंह ने बताया कि कर्मचारियों की कमी है। कर्मचारियों की संख्या के मुताबिक काउंटर खोलकर टिकट की बिक्री की जा रही है। कर्मचारियों की कमी के चलते बीते माह भर से किसी को भी रेस्ट नहीं मिला है।
आरक्षण काउंटर पर कर्मचारियों की कमी के चलते दिक्कतें हो रही हैं। सीनियर लोगों को मुख्य आरक्षण पर्यवेक्षक का चार्ज नहीं दिया जा रहा है। आरक्षण काउंटर पर तैनात चतुर्थ क्षेणी कर्मचारी को भी बुकिंग में भेज दिया गया है। बुकिंग के कर्मचारियों से टिकट बनाने में मदद लिया जा रहा था। रेलवे के अफसरों ने उसे भी हटा दिया। इससे ज्यादा दिक्कतें हो रही है। मगर जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं।
तबादला होने के बाद भी लिया जा रहा काम
मॉडल जंक्शन के आरक्षण काउंटर पर मुख्य पर्यवेक्षक को मिलाकर पांच कर्मचारियों की तैनाती है। जबकि पद 12 का है। इनमें तीन कर्मचारियों का गैर जनपद तबादला कर दिया गया है। मगर इनके स्थान पर दूसरे कर्मचारी आना नहीं चाह रहे हैं। विभाग के अनुसार, यहां तैनात यूएस अंसारी का तबादला प्रयागराज तो मुख्य पर्यवेक्षक रणवीर सिंह का भदोही और पीपी पांडेय का अमेठी हो गया है। मगर इन्हें कार्यमुक्त नहीं किया जा रहा है। इनके अतिरिक्त विद्या तिवारी और बबिता पांडेय ही हैं।