नामांकन में दस दिन बाकी, प्रत्याशी नहीं तय कर सकी भाजपा
राजाभैया से गठबंधन की चर्चा, लेकिन कौशाम्बी और प्रतापगढ़ में प्रचार में जुटे जनसत्ता दल के प्रत्याशी
दूसरे दलों के नेताओं की टिकी है भाजपा प्रत्याशी पर नजर
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। प्रतापगढ़ संसदीय सीट पर छठें चरण में होने वाले चुनाव के लिए दस दिन बाद 16 अप्रैल से नामांकन शुरू हो जाएगा, लेकिन अभी तक भारतीय जनता पार्टी यहां अपना प्रत्याशी नहीं तय कर सकी है। इससे भाजपाइयों के साथ दूसरे दलों में भी बेचैनी है। सियासी गलियारों में चर्चा है कि पूर्व मंत्री और कुंडा के विधायक रघुराज प्रताप सिंह राजाभैया की पार्टी से गठबंधन को लेकर पेच फंसा है। हालांकि राजाभैया से जुड़े लोग इससे इनकार कर रहे हैं। दूसरी तरफ राजाभैया की पार्टी जनसत्ता दल के कौशाम्बी और प्रतापगढ़ के प्रत्याशी अपने प्रचार में लगे हुए हैं। भाजपा की खामोशी ने कांग्रेस, सपा-बसपा गठबंधन समेत अन्य दलों की भी नींद उड़ा रखी है।
प्रतापगढ़ लोकसभा सीट पर चुनाव छठवें चरण में होना है। इसके पहले कौशांबी का चुनाव पांचवें चरण में होगा। प्रतापगढ़ सीट पर अभी तक भाजपा ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं। कभी राजाभैया के जनसत्ता दल से गठबंधन का शोर मच रहा है तो कभी सीट अपना दल के खाते में जाने की बातें सामने आ रही हैं। प्रत्याशी को लेकर शीर्ष नेतृत्व अभी तक कोई फैसला नहीं कर सका है। जिसके चलते भाजपा से टिकट हासिल करने के लिए राजा अनिल प्रताप सिंह, पूर्व विधायक बृजेश सौरभ, पूर्व विधायक हरि प्रताप सिंह, नंदन सिंह, महेंद्र दुबे, वरुण प्रताप सिंह लगातार दिल्ली व लखनऊ एक कर रखे हैं। सभी को आश्वासन भी मिल रहा है। शुक्रवार को यह चर्चा रही कि टिकट की घोषणा में राजाभैया के चलते देरी हो रही है। जनसत्ता दल के बाबागंज विधायक विनोद सरोज ने बताया कि ऐसा कुछ भी नहीं है। यह केवल अफवाह है। उनकी पार्टी कौशांबी और प्रतापगढ़ सीट पर मैदान में उतरी है। मजबूती के साथ चुनाव लड़ा जाएगा। जनसत्ता दल के कौशांबी प्रत्याशी शैलेंद्र कुमार के लिए राजाभैया लगातार चुनाव प्रचार व रोड शो कर रहे हैं। प्रतापगढ़ सीट के प्रत्याशी एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह गोपालजी भी समर्थकों के साथ क्षेत्र में डटे हैं।
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सांसद हरिवंश ने भी दिल्ली में डाला डेरा
सांसद हरिवंश सिंह ने भी दिल्ली में डेरा डाल रखा है। वह अखिल भारतीय अपना दल व भाजपा के गठबंधन से चुनाव लड़ने के लिए दमखम लगा रहे हैं। अपने समर्थकों को बराबर संदेश भेज रहे हैं कि वह चुनाव की तैयारी करते रहें। वह चुनाव जरूर लड़ेंगे।
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क्षत्रिय महासभा ने जताई नाराजगी
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने भाजपा द्वारा काशी क्षेत्र की सीटों पर एक भी क्षत्रिय उम्मीदवार न उतारे जाने पर गहरी नाराजगी जताई है। क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय महासचिव राघवेंद्र सिंह ने कहा कि भाजपा क्षत्रियों को उपेक्षित कर रही है। यह गलत है। काशी क्षेत्र में एक भी प्रत्याशी नहीं उतारा गया।
मच्छरों से शहरियों को निजात दिलाने का फरमान
सफाई, पेयजल की समस्या दूर करने का निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। मच्छरों से शहरियों को निजात दिलाने के लिए नगर पालिका की चेयरमैन प्रेमलता सिंह ने कर्मचारियों को निर्देश दिया है। नवरात्र पर शहर में सफाई व पेयजल की व्यवस्था सुदृढ़ करने को कहा है। दोनों फागिंग मशीनों से मच्छरों को भगाया जाए। नालियों में कीटनाशक दवाओं का प्रयोग किया जाए।
चेयरमैन ने जलकल विभाग की अवर अभियंता जेबा आगा को निर्देशित किया कि नगर की पेयजल व्यवस्था बेहतर रखा जाए। समय पर लोगों को पानी मिले। खराब हैंडपंपों की मरम्मत कराई जाए। प्रभारी प्रकाश को पथ प्रकाश व्यवस्था बेहतर रखने के लिए कहा गया। धार्मिक स्थलों की सड़कों पर अंधेरा नहीं होना चाहिए। इस मौके पर ईओ मुदित सिंह, वीरेंद्र कुमार सिंह , लाल बहादुर, अभय कुमार, इमरान, प्रदीप जायसवाल, आशुतोष सिंह, प्रेमा देवी, धर्मशील शुक्ला, अनिल कुमार सिंह समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
बसपा की जनसभा 9 को
प्रतापगढ़। बसपा के जिलाध्यक्ष डा. राम समाज गौतम ने बताया कि सदर विधानसभा का कार्यकर्ता सम्मेलन 9 अप्रैल को टेकार में आयोजित किया गया है। जिसमे पूर्व मंत्री अशोक गौतम समेत अन्य नेता शामिल होंगे।
नदी में मिली मां-बेटी की लाश की गुत्थी उलझी
कल तक पहचान करने वालों ने बनाई दूरी
पुलिस हुई परेशान, दोनों की शिनाख्त के लिए कर रही प्रयास
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़/सांगीपुर। सांगीपुर के पद्माकरपुर सई नदी में मिले मां-बेटी के शव की गुत्थी उलझ गई है। कल तक पहचान करने वालों ने शुक्रवार को दूरी बना ली है। जिससे हैरान पुलिस दोनों शवों का शिनाख्त को पसीना बहा रही है।
सांगीपुर के पद्माकरपुर में गुरुवार दोपहर मासूम बच्ची व एक महिला का शव सई नदी में मिला था। जिसकी पहचान सांगीपुर के सिंघनी की रहने वाली पूनम व मासूम दिव्यांशी के रूप में हुई थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शुक्रवार की सुबह मनोज अपने ससुर छोटेलाल के साथ मर्चरी पहुंचा। शव देखने के बाद मनोज व छोटेलाल ने उनकी पहचान से ही इंकार कर दिया। छोटेलाल ने बताया कि महिला के हाथ में काले रंग का कोई निशान नहीं है। जबकि उसकी बेटी के हाथ में था। उसकी नातिन दिव्यांशी का दांत टूट गया था, लेकिन नदी में मिली बच्ची के दांत सही सलामत है। जिससे नदी में मिली लाश की गुत्थी उलझ गई। दोनों शवों की शिनाख्त करने के लिए एक परिवार सुलतानपुर से आया लेकिन वह भी बिना कुछ बताए वापस हो गया। एसओ सांगीपुर ने बताया कि ऐसी दशा में मां व बेटी के शवों की शिनाख्त के हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। मनोज की पत्नी अपने करीबी के पास है। इस बात का पता चल गया है।