जिले के छात्र-छात्राओं को स्मार्टफोन और टैबलेट के नाम पर छला गया है। चुनाव नजदीक आने पर परीक्षार्थियों से ऑनलाइन आवेदन लिए गए और जब आदर्श आचार संहिता लागू होने की बारी आई तो वितरण प्रारंभ किया गया। जिले की लगभग 200 बालिकाओं को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में स्मार्टफोन वितरित किए गए। इसके इंतजार करने वाले छात्र-छात्राओं की उम्मीदों पर आदर्श आचार संहिता ने ग्रहण लगा दिया है।
प्रदेश सरकार ने स्नातक में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को स्मार्ट फोन और पॉलिटेक्निक, आईटीआई करने वाले विद्यार्थियों को टैबलेट देने की घोषणा की थी। नवंबर में छात्र-छात्राओं से आवेदन लिए गए और कॉलेजों में जमा कराकर अगले माह वितरित करने का आश्वासन दिया गया। जिले के 42,250 छात्र-छात्राएं आवेदन करके सरकार के इस फैसले से बेहद खुश थे कि अब उनकी ऑनलाइन पढ़ाई आसान हो जाएगी, मगर ऐसा नहीं हो सका।
26 दिसंबर को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में साकेत गर्ल्स पीजी कॉलेज की दो सौ छात्राओं को स्मार्ट फोन मुख्यमंत्री के हाथों वितरित किए गए। इसके बाद जिले के 42,050 छात्र-छात्राएं स्मार्ट फोन और टैबलेट का इंतजार करते रह गए। कॉलेजों में आवेदन करने वाले छात्र-छात्राएं अब कॉलेज पहुंचकर शिक्षकों से स्मार्ट फोन और टैबलेट मांग रहे हैं। कॉलेज प्रशासन छात्र-छात्राओं को आदर्श आचार संहिता का हवाला देकर बरगला रहे हैं।
स्मार्टफोन और टैबलेट के लिए जिन छात्र-छात्राओं ने आवेदन किए हैं, उनकी जांच की जा रही है। शासन से स्मार्ट फोन और टैबलेट मिलने पर डिग्री कॉलेजों को वितरण करने के लिए भेजा जाएगा।
एसके शुक्ल, कुलसचिव, रज्जू भैया राज्य विवि प्रयागराज