कोरोना संकट का असर पोलिया अभियान पर भी पड़ा है। नौ माह से जिले में अभियान नहीं चलाया गया है। इससे जिले के 4.20 लाख बच्चे पोलियो की खुराक से वंचित हो गए हैं। स्वास्थ्य विभाग नौनिहालों को पोलियो से बचाने के लिए नियमित टीकाकरण के साथ खुराक पिलाता है। इसके अलावा पोलियो अभियान के माध्यम से बच्चों को पोलियो की खुराक देने की व्यवस्था है। पहले यह अभियान हर चलाया जाता था, लेकिन अब यह प्रतिवर्ष चार चरणों में चलता है।
जिले में पोलियो अभियान बीते नवंबर माह में चलाया गया था। एक बार शासन की ओर से सितंबर माह में अभियान चलाने का आदेश जारूर आया था, मगर बाद में उसे निरस्त कर दिया गया। अभियान में 4.20 लाख बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। इस वर्ष में तीन अभियान चलाए जाने थे, लेकिन कोरोना संकट के चलते जिले में पोलियो अभियान शुुरू नहीं हो सका है।
नवजात बच्चों को टीकाकरण के समय पोलियो की खुराक दी जा रही है। कोरोना संकट की वजह से रोके गए अभियान के सितंबर माह में शुरू होने की संभावना थी, लेकिन सरकार ने अभियान स्थगित कर दिया है। शासन से निर्देश मिलने के बाद अभियान का शुभारंभ होगा। महेश सिंह, जिला सहायक प्रतिरक्षाधिकारी