जिले में उज्ज्वला टू योजना के लिए भले ही केंद्र सरकार ने कोई लक्ष्य तय नहीं किया है, मगर अभी तक जिले की 68 गैस एजेंसियों पर डेढ़ लाख महिलाओं ने आवेदन कर दिया है। नि:शुल्क गैस सिलिंडरों के लिए बीपीएल परिवार प्राथमिकता में हैं। केंद्र सरकार द्वारा उज्ज्वला योजना की शुरुआत एक मई 2016 से की गई थी। जिसमें बीपीएल श्रेणी में आने वाले परिवारों को नि:शुल्क गैस कनेक्शन दिया जाता है। साथ ही पहली बार भरा हुआ सिलिंडर व चूल्हा मिलता है। इस योजना के पहले चरण में जिले की लाखों महिलाओं के नाम कनेक्श दिए गए थे।
अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उज्ज्वला टू योजना की शुरुआत की है। जिसके तहत पहले चरण में वंचित परिवारों को लाभान्वित किया जाएगा। जिले में इस योजना के तहत कुल कितने लोगों को लाभ मिलना है, इसका कोई लक्ष्य नहीं मिला है।
2011 की जनगणना के आधार पर लक्ष्य होगा निर्धारित
उज्ज्वला योजना के तहत लाभान्वित परिवारों का चयन 2011 की सामाजिक, आर्थिक जनगणना के आधार पर किया गया है। पहले फेज में बचे परिवारों को इस चरण में लाभान्वित करने की तैयारी है।
ई- केवाईसी से होगा सत्यापन
जिले में गैस उपभोक्ताओं का सत्यापन शुरू हो गया है। इसके तहत इस बार केवाईसी की सत्यापन प्रक्रिया में थोड़ा बदलाव कर दिया गया है। इस बार ऑनलाइन सत्यापन होगा। गैस उपभोक्ताओं के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा। इस ओटीपी के भरने के बाद ही इसका ई-केवाईसी हो सकेगा। ई-केवाईसी न होने गैस सिलिंडर नहीं दिया जाएगा।
पांच हजार ने दोबारा नहीं कराई रिफलिंग
उज्जवला योजना के प्रथम चरण में बड़ी संख्या में लोगों को गैस सिलिंडर दिए गए थे। करीब पांच हजार लोगों ने सिलिंडर लेने के छह माह बाद भी दोबारा रिफिल नहीं कराया। अफसरों ने इसके पीछे की वजह जानना बेहतर नहीं समझा। हालांकि लोगों का कहना है कि आर्थिक तंगी के कारण सिलिंडर नहीं भराया गया। उज्ज्वला टू के तहत अभी तक करीब डेढ़ लाख महिलाओं ने अपना आवेदन गैस एजेंसियों पर जमा किया है। अभी तक कोई लक्ष्य नहीं आया है। लक्ष्य आने के बाद सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक, पात्र लोगों को नि:शुल्क सिलिंडर दिए जाएंगे। घनश्याम पांडेय, संचालक, ओम गैस एजेंसी