कोरोना की दूसरी लहर में जान गंवाने वाले 83 लोगों के परिजन इलाज और एलटू अस्पताल में मौत होने की रिपोर्ट लगवाने के लिए भटक रहे हैं। एलटू अस्पताल में जाने पर पता चलता है कि डॉक्टर नहीं हैं। सीएमओ आफिस में बताया जाता है कि भर्ती पर्चा गायब हो गया है। ऐसे में मृतक के परिजनों को परेशान होना पड़ रहा है। वह एलटू और सीएमओ आॅिफस के चक्कर काट रहे हैं। कोरोना की दूसरी लहर ने जमकर कहर बरपाया था। एलटू अस्पताल में लगातार मरीजों की मौतें होती रहीं। उस समय परिजन परिवार के सदस्य को खोने के सदमे में थे। अब वे मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने और बीमा की रकम के लिए चिकित्सकों की रिपोर्ट लगवाने के लिए परेशान हो रहे हैं।
सीएमओ ऑफिस जाने पर पता चलता है कि एलटू अस्पताल के चिकित्सक रिपोर्ट लगाएंगे। जबकि एलटू अस्पताल में ताला लटक रहा है। यहां तैनात चिकित्सक अब हटा दिए गए हैं। अस्पताल में सिर्फ एक कर्मचारी हैं जो लोगों को सीएमओ कार्यालय भेज देता है। ऐसे में कोरोना से जान गंवाने वाले 83 लोगों के परिवारीजन अब रिपोर्ट लगवाने के लिए परेेशान हैं। डिप्टी सीएमओ एसके सिंह से ने बताया कि एलटू अस्पताल के नोडल अफसर चंद्रचूर्ण सिंह थे। उनके पास सभी कागजात होंगे। रिपोर्ट वही लगवा सकते हैं। जबकि चंद्रचूर्ण सिंह का कहना है कि डॉक्टर को छोड़ कोई दूसरा कर्मचारी न तो मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर सकता है और न ही रिपोर्ट लगा सकता है।
एलटू में तैनात डॉक्टर ही कोरोना कॉल में भर्ती मरीजों के इलाज और उनकी मौत की रिपोर्ट लगा सकते हैं। जिन डॉक्टरों की ड्यूटी थी, उन्हें बुलाया गया है। जल्द ही एक साथ सभी लोगों की रिपोर्ट तैयार करवा कर उनके परिजनों को दे दिया जाएगा। डॉक्टर सीपी शर्मा, एसीएमओ