पंचायत पर पाबंदी के बावजूद उत्तर प्रदेश के सलेमपुर में इकट्ठा हुए ग्रामीणों और पुलिस के बीच टकराव ने बवाल मचा दिया। आपा खो बैठे पुलिसवालों ने निहत्थे लोगों पर लाठियां बरसाईं और उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए।
इस दौरान हवा में गोलियों की आवाज भी सुनी गई। हिंसक झड़प में तीन पुलिसकर्मियों समेत पांच लोगों को गंभीर चोटें आईं। पुलिस ने कई लोग हिरासत में ले लिए। भारी तनाव के मद्देनजर पूरे गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
प्रेम-प्रसंग के मामले में युवती की बरामदगी के लिए सलेमपुर में बुलाई गई पंचायत रोकने के लिए प्रशासन और पुलिस ने शुक्रवार को गांव की तमाम सीमाएं सील कर दी थीं। गांव के बाहर भारी पुलिसबल के बावजूद दोपहर में सैकड़ों लोग जंगल के रास्ते गांव पहुंचकर गन्ना समिति के पूर्व चेयरमैन करुणेश के घेर में इकट्ठा हो गए।
ग्रामीणों के मुताबिक जिस युवती की बरामदगी को लेकर पंचायत का ऐलान हुआ था, उसके परिजनों ने लोगों को पंचायत स्थगित होने की सूचना दी, जिसके बाद वहां मौजूद लोग नारेबाजी करते हुए लौटने लगे।
आरोप है कि इसी बीच एडीएम (प्रशासन) दिनेश चंद्रा और एसपी देहात डा. धर्मवीर सिंह पुलिस-पीएसी लेकर मौके पर पहुंचे और तुरंत लाठीचार्ज करा दिया। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। करीब आधे घंटे यह इलाका जंग का मैदान बना रहा। हवाई फायरिंग भी हुई। उग्र होती भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े।
झड़प में एक महिला कांस्टेबल, तीतरो थाने का कांस्टेबिल अजय कुमार एवं नागल थाने का कांस्टेबिल मगेंद्र घायल हो गया। पुलिस की लाठी से तीन ग्रामीण भी गंभीर रूप से घायल हुए। इसके बाद पुलिस ने गांव में कई लोगों को हिरासत में ले लिया है। भारी तनाव के मद्देनजर गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
एडीएम (प्रशासन) दिनेश चंद्रा का कहना है कि जिले में निषेधाज्ञा लगी होने और गांव में पंचायत पर पाबंदी लगाने के बावजूद लोग वहां जमा हुए और माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। एसपी देहात डा. धर्मवीर सिंह का कहना है कि भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया। इसलिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। वहां मौजूद लोग सांप्रदायिक भावना को भड़काने में जुटे थे।
क्या है मामला
सलेमपुर निवासी ग्रामीण की बेटी रुड़की में अपने रिश्तेदार के घर रहकर पढ़ाई कर रही थी। बीते साल मई में उत्तराखंड निवासी दूसरे समुदाय के युवक ने उसने कोर्ट मैरिज कर ली। इसका खुलासा होने के बाद से ही सहारनपुर से लेकर उत्तराखंड तक बवाल मचा हुआ है।
उधर, बृहस्पतिवार को लड़की ने इस बात स्वीकार किया था कि दोनों में पिछले सात साल से प्रेम-प्रसंग चल रहा है। इसके बाद सहारनपुर में गुर्जर समाज ने महापंचायत का ऐलान किया था।