जौनपुर जिले के क्राइम ब्रांच प्रभारी विनोद कुमार बरवार के अनुसार, वह और नौ पुलिसकर्मी लूट व हत्या के प्रयास के आरोपी हरसोस गांव के राजन राजभर को गिरफ्तार करने आए थे। शाम करीब 7:30 बजे राजन के घर जौनपुर के जलालपुर थाना के काकोरी का अरविंद राजभर उर्फ दिल्ली भी मिला तो दोनों को लेकर पुलिस टीम सड़क पर आई।
इस बीच राजन और दिल्ली अपहरण का शोर मचाने लगे तो ग्रामीणों ने पुलिस को घेर कर पथराव शुरू कर दिया और राजन और दिल्ली को छुड़ा लिया। ग्रामीणों ने हेड कांस्टेबल कौशल राही को पेड़ से बांध कर पीटा। ग्रामीणों की पिटाई में दरोगा बालेंद्र यादव, कौशल राही और वेदप्रकाश राय बेहोश हो गए। सूचना पाकर पहुंचे रोहनिया इंस्पेक्टर परशुराम त्रिपाठी का सिर फोड़ दिया। दो अन्य पुलिस कर्मियों को भी पीटा। जंसा व रोहनिया थाने की सरकारी जीप भी क्षतिग्रस्त कर दी। ग्रामीणों ने पुलिस टीम से 24 हजार रुपये, सोने की चेन, मोबाइल और 9एमएम की सरकारी पिस्टल भी लूट ली।
जंसा के हरसोस गांव में फ्लैग मार्च करते पुलिस।
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हरसोस गांव में पुलिसकर्मियों पर हमले के बाद सोमवार की आधी रात बाद तक पुलिस ने जमकर तांडव मचाया। सरकारी पिस्टल और पुलिसकर्मियों के पैसे सहित अन्य सामान बरामद करने के लिए पुलिस ने घरों में घुस कर तोड़फोड़ की। महिलाओं की जमकर पिटाई की गई और सोये हुए लोग हिरासत में ले लिए गए। घटना के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए गांव के ज्यादातर पुरुष घर छोड़ कर भाग निकले हैं और रिश्तेदारों सहित अन्य स्थानों पर छुपे हुए हैं। मंगलवार को दिन भर गांव में सन्नाटा पसरा रहा और चट्टी-चौराहे की चाय-पान की दुकानें बंद नजर आईं।