मुजफ्फरनगर-शामली के दंगों से वेस्ट यूपी के सियासी समीकरण बिगड़ गए हैं। फिलहाल राष्ट्रीय लोकदल और समाजवादी पार्टी का गणित ज्यादा बिगड़ता दिख रहा है।
भाजपा, कांग्रेस और बसपा थोड़ी राहत महसूस कर सकते हैं लेकिन, उनकी राह में भी कांटों के तमाम कारण मौजूद हैं। मुसलमान वोटों का ध्रुवीकरण पश्चिम के एक दर्जन जिलों में चुनावी नतीजों में बड़ी उलटफेर कर सकता है।
राजनीतिक तौर पर जागरूक और आर्थिक तौर पर मजबूत वेस्ट यूपी का सामाजिक समीकरण काफी उलझा हुआ है। कृषि प्रधान अधिकांश जिलों में मुस्लिम आबादी 25 से 50 प्रतिशत तक है।
मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बिजनौर, मुरादाबाद, अमरोहा, बागपत, रामपुर, बरेली, बागपत, बुलंदशहर, गाजियाबाद जैसे जिलों में वे किसी भी दल का सियासी गणित बनाने-बिगाड़ने में सक्षम माने जाते हैं।
वोटों की तैयार फसल पर भाजपा की नजर
जाहिर है, दंगों से भाजपा को बिना खास मेहनत के वोटों की पकी पकाई फसल मिलती दिख रही है। भाजपा को रालोद के परंपरागत वोट बैंक माने जाते रहे जाटों में बड़ी सेंधमारी की उम्मीदें हैं। दरअसल, सांप्रदायिक हिंसा से जाट लैंड ही सर्वाधिक प्रभावित है।
रालोद के जाट-मुसलिम समीकरण में दरार
हालिया हिंसा से रालोद को बड़े घाटे का अनुमान लगाया जा रहा है। यूपीए में शामिल चौधरी अजित सिंह किसान-मुसलमान समीकरण पर चुनावी जंग में उतरने की तैयारी में था। दंगे से रालोद का सियासी समीकरण गड़बड़ा गया है। एक तरफ जाट नाराज और दूसरी तरफ जाट-मुस्लिम समीकरण में गहरी दरार है।
सपा को भारी पड़ेगी मुस्लिमों की नाराजगी
सपा को शासन-प्रशासन स्तर से गलत और देरी से लिए गए फैसले भारी पड़ सकते हैं। मृतकों के परिजनों की गलत नामजदगी वापस लेने में प्रशासन को 12 दिन से ज्यादा लग गए। इसके बाद अल्पसंख्यकों का पलायन हुआ। तमाम मुस्लिम संगठन सरकार के तौर-तरीकों पर उंगली उठा चुके हैं।
बसपा की नजर मुस्लिम वोटों पर
बसपा के पश्चिमी यूपी में सर्वाधिक मुस्लिम सांसद है। मुजफ्फरनगर-शामली में हाल की हिंसा से दलित भी प्रभावित हुए हैं। कई गांवों से सैकड़ों दलित परिवार पलायन किए हुए। बसपा नेतृत्व पूरे घटनाक्रम पर संजीदगी दिखा रहा है।
जंग को कांग्रेस बनाम भाजपा बनाने की तैयारी
कांग्रेस ने वेस्ट यूपी की हिंसक घटनाओं में सपा-भाजपा की मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने मुस्लिमों को लुभाने की कोशिश शुरू कर दी है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह दौरे के दौरान कोई बड़ी घोषणा भी कर सकते हैं। कांग्रेस इस घटना के बहाने मुसलमानों के ध्रुवीकरण की कोशिश करेगी।